स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी 1,644 करोड़ रुपये का दावा किया था, जिसमें ब्याज, टर्म लोन और कैश क्रेडिट था। यस बैंक ने 1,084 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक 963 करोड़ रुपये, और आईडीबीआई बैंक ने 594 करोड़ रुपये का दावा किया था। कर्मचारियों व वर्कमेन को छोड़कर ऑपरेशनल क्रेडिटर्स ने भी 12,372 करोड़ रुपये का दावा किया था। अभी इस रकम के वेरिफायई किया जा रहा है। वर्कमेन और कर्मचारियों की तरफ से 443 करोड़ रुपये का दावा किया गया था।