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मोबाइल से बिकेंगे गेहूं, चावल और सरसों, खाते में पहुंचेगी धनराशि, जानिए कैसे

ई-नेम एप के जरिए हाईटेक होगा किसान, किसान स्वयं तय करेगा फसल के दाम।
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फिरोजाबाद

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Amit Sharma

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Updated: 25 May 2018, 6:56 PM IST

Madhu baghel

मोबाइल से बिकेंगे गेहूं, चावल और सरसों, खाते में पहुंचेगी धनराशि, जानिए कैसे

फिरोजाबाद। शुक्रवार को का आयोजन मंडी परिसर में किया गया। किसानों को आॅनलाइन कृषि बाजार के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान किसानों को किस प्रकार आॅनलाइन खेती की जातीहै और किस प्रकार फसल का दाम उन्हें प्राप्त हो सकेगा इसके बारे में जानकारी दी गई। किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित किया गया।

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मंडी समिति में हुआ कार्यक्रम

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल की पत्नी मधु बघेल ने कहा कि सरकार बिचौलियों से किसानों को मुक्त कराना चाहती है। इसलिए सरकार द्वारा आॅन लाइन फसल बिक्री की सुविधा की है। अभी तक किसानों की फसल को बिचौलियों के द्वारा बेचा जाता था। जिसमें किसानों के हक को बिचौलिया खा जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ई-नेम एप के जरिए किसान अपनी फसल को पूरे देश में कहीं भी बेच सकता है।

ई-नेम एप से होगा समस्या का समाधान

उन्होंने बताया कि ई-नेम (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) एप को किसान अपने स्मार्ट फोन में डाउनलोड करके देश भर की आॅनलाइन मंडियों में चल रही रेट की जानकारी प्राप्त कर सकता है। एसडीएम डाॅ. सुरेश कुमार ने आॅनलाइन मंडी की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि मंडी में प्रवेश करते ही किसान का रजिस्ट्रेशन हो जाता है। उसके बाद वह व्यापारी का नाम बताकर अपने माल को बिक्री केन्द्र पर उतार सकता है। फसल बेचने से पहले किसान की स्वीकृति अवश्य ली जाएगी।

शारीरिक नुकसान होने पर मिलेगी क्षतिपूर्ति

इस दौरान उन्होंने फसल उत्पादन के दौरान होने वाली शारीरिक क्षति की पूर्ति के बारे में भी बताया। मंडी सचिव कोमल सिंह ने बताया कि आॅनलाइन खरीद-फरोख्त करने वाले किसानों को पुरस्कृत किया जाएगा। आॅनलाइन प्रक्रिया के तहत फसल बेचने वालों के खाते में रूपया ट्रांसफर किया जाता है। इस दौरान चेयरमैन रामबहादुर चक, शिवशंकर शर्मा, सुरेश बघेल समेत काफी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे।