1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पत्रिका अभियान: मासूमों की जिदंगी ले रहा है यह नाला

पानी की निकासी के लिए बनाए गए बड़े-बड़े नाले लोगों की मौत का सबब बन रहे हैं  
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

गाज़ियाबाद

•

image

Virendra Kumar Sharma

•

Updated: 15 May 2018, 4:26 PM IST

water

गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पानी की निकासी के लिए बनाए गए बड़े-बड़े नाले लोगों की मौत का सबब बन रहे हैं। इन नालों में डूबकर कई बच्चों की मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं 2 माह पहले भी गाजियाबाद के कैला भट्टा इलाके में स्थित एक नाले में 2 दिन के अंदर ही दो मासूमों की डूबने से मौत हो गई थी। विरोध में लोगों ने सड़क पर उतरकर नगर निगम कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। गुस्साई भीड़ ने सड़क को जाम किया था।

यह भी पढ़ेंं: आज इन क्षेत्रो में 50 से 70 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, रहें सावधान

पीड़ित परिवारों ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी को भी नगर निगम के कर्मचारियों की लापरवाही के मामले में अवगत कराया था। संज्ञान लेते हुए गाजियाबाद की जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने तत्काल प्रभाव से इन बड़े नालों की फेंसिंग कराए जाने के निर्देश दिए थे। कैला भट्टा इलाके के जोनल अधिकारी और कई सफाईकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया गया था। लेकिन इस नाले की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। लोगों में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा है।

लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी इस इलाके के लोगों के साथ दोहरा रवैया अपना रहे है। जल्द ही बारिश का मौसम शुरू होने वाला है और पानी की निकासी के लिए यहां कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। हालांकि एक तरफ गाजियाबाद के प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम गाजियाबाद को हरा-भरा और स्वच्छ बनाए जाने के तमाम दावे कर रहा है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम की पोल ये नाले खोल रहे है।

नाले गहरे होने के साथ-साथ गंदगी से अटे हुए है। कई हादसे होने के बाद भी नगर निगम कर्मचारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। जिस वक्त हाल में ही 2 महीने पहले लगातार हुए दो हादसों के बाद से नगर निगम ने सफाई तो कराई थी। लेकिन उसके बाद फिर स्थिति जस की तस हो गई है। इस नाले को कवर किया गया और न ही इस नाले के दोनों तरफ किसी तरह की फेंसिंग लगाई गई है। इस इलाके में नाले की स्थिति देखकर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। लोग रोजाना निकलते हैं। उस रास्ते के लेवल में ही यह नाला अटा हुआ है।

पत्रिका की टीम ने पूरे मसले को लेकर लोगों से जानकारी ली। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। कैला भट्टा निवासी शमीम ने बताया कि नाले में डूबने से चार बच्चों की मौत हो चुकी है। नगर निगम मेयर की तरफ से तार फेसिंग कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया है। कैला भट्टा निवासी फरीद ने बताया कि यह बड़ी लापरवाही है। कई बच्चों की नाले में डूबने से मौत हो चुकी है। इसी वजह से बच्चों को बाहर निकलने नहीं देते है। नाले की सफाई नगर निगम की तरफ से नहीं कराई जाती है। सफाई कराने की कई बार मांग नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों से की जा चुकी है।

3 दिन में हुई थी 2 बच्चों की मौत

कैला भट्टा एरिया में नाले में 2 दिन में ही 2 मासूम की नाले में डूबने से मौत हो गई थी। यहां की गुलजार कॉलोनी में 5 साल का मासूम आहिल की नाले में डूबने से 11 मार्च को मौत हुई थी, जबकि 13 मार्च को इस्लामनगर में 4 वर्षीय अयान की नाले में डूबने से हुई थी। लोगों का कहना है कि नाले में डूबने से कई बच्चों की जान जा चुकी है।

यह भी पढ़ेंं: एनसीआर में तीसरे स्थान पर रहे खुशांक ने इन चीजों से परहेज किया, जानिए मेरठ के इस टाॅपर से