
कब्रिस्तान को लेकर दो पक्षों में पथराव और फायरिंग के बाद मची भगदड़, क्षेत्र में तनाव के बाद 15 गिरफ्तार
गाजियाबाद. सिहानी गेट थानाक्षेत्र के बोंझा में कब्रिस्तान को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों में संघर्ष हो गया। कहासुनी के बाद मारपीट के बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर पथराव शुरू कर दिया तो वहीं दूसरे पक्ष की ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। अचानक हुई पत्थरबाजी और फायरिंग से मौके पर भगदड़ मच गई। हंगामे की सूचना मिलते मौके पर पहुंची पुलिस ने पुलिस ने एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के 14 लोगों को गिरफ्तार कर कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज करते हुए दोनों पक्षों के 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, मंगलवार सुबह कब्रिस्तान में गेट के लिए दोनों ओर गड्ढों की खुदाई का कार्य चल रहा था। इसी बीच एक पक्ष की आेर से शोएब नामक युवक पहुंचा और काम रोकने के लिए कहा। इसी बीच दाेनों पक्षों में कहासुनी के बाद हंगामा हो गया। धीरे-धीरे मौके पर दोनों पक्षों की ओर से सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। आरोप है कि इसी बीच दूसरे पक्ष की ओर से अमीरुद्दीन आया और उसने लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर शोएब पर चार फायर कर दिए। हालांकि शोएब बच गया। वहीं अमीरुद्दीन का कहना है कि शोएब व उसके लोगों ने पथराव कर दिया था। उन्होंने बचाव में हवाई फायर किए थे। पुलिस ने अमीरुद्दीन की रिवॉल्वर जब्त कर ली है। एसपी सिटी ने बताया कि दोनों पक्षों के आरोपियों के खिलाफ बलवा की 147, 148, 149, 307, 353, 336 और 7-सीएलए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें पुलिस ने कैला भट्टा निवासी शोएब, उसके पिता उमरदराज और चाचा रियाजुद्दीन और दूसरे पक्ष से लोहा कारोबारी अमीरुद्दीन सैफी, नईम, इसराक अहमद, मोहम्मद उमर, अमीर बख्श, नईम सैफी, फिरोज, शाहिद अली, अब्दुल सलाम, शकील अहमद और आबिद अली को गिरफ्तार किया है। फॉरेंसिक टीम से भी जांच कराई गई है। मुकदमे में कुछ लोग अज्ञात भी हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
ये है मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पटेलनगर के बोंझा में सैफी समाज का पुराना कब्रिस्तान है। उसके निकट अतिक्रमण कर दुकानें बना ली गई थीं, जिन्हें 16 साल पहले तोड़ दिया गया था। एक पक्ष के अमीरुद्दीन का दावा है कि कब्रिस्तान में जगह नहीं बची है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की सयुंक्त बैठक में एक हफ्ते पहले फैसला किया गया था कि गेट बड़ा कर भराव करवाया जाएगा, ताकि शव दफनाए जा सकें। वहीं एलएलबी के छात्र शोएब का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद दुकानें दोबारा बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था। मामले में कोर्ट ने उक्त स्थल पर किसी भी निर्माण पर रोक लगा दी थी। उसके मुताबिक बैठक हुई थी, लेकिन किसी तरह की सहमति नहीं बनी थी। आरोप है कि दूसरा पक्ष यहां दुकानें बनाना चाहता है।
Published on:
14 Nov 2018, 10:14 AM IST
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