19 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी के इस प्राधिकरण ने फंड बचाने के लिए उठाए ये कदम, हुई पांच करोड़ की बचत

केबल शिफ्टिंग का बिजली विभाग ने बनाया 18 करोड़ का बिल, प्राधिकरण 13 करोड़ में निबटाएगा काम

2 min read
Google source verification
ghaziabad development authority image

गाजियाबाद। पहले से ही कर्ज और बकायदारों द्वारा देनदारी ना चुकाने से खस्ताहाल हो चुका गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अब अपना ध्यान बचत को बढाने पर लगा रहा है। प्राधिकरण इसके लिए कई काम दूसरों से करवाने की बजाय खुद कर रहा है। अब तक जीडीए करीब 5 करोड़ की बचा चुका है। आगे भी बचत का दायरा बढाने की तैयारी की जा रही है।

इन प्रोजेक्टस पर हो रही बचत
राजनगर एक्सटेंशन चौराहे के चौड़ीकरण में केबल शिफ्टिंग का काम पहले बिजली विभाग को दिया जाना था। करीब 900 मीटर तक बिजली के तारों को भूमिगत करने में बिजली विभाग ने 18 करोड़ का खर्चा बताया। प्राधिकरण ने जब लाइन शिफ्टिंग के खर्चे का अनुमान लगाया तो वह करीब 13 करोड़ ही बैठा। सीधा 5 करोड़ के अन्तर की वजह से प्राधिकरण अब इस काम को खुद कर रहा है। इसके अलावा वार्टिकल गार्डनिंग के लिए भी पहले बाहर की किसी एजेंसी को ठेका देना चाहता था। यहां भी धन का अंतर सामने आ रहा था। बाहर की कंपनी को ठेका देने पर जीडीए को एक पिलर पर करीब 2 लाख 50 हजार का खर्चा आ रहा था जो खुद उसके करने पर 1 लाख 50 हजार तक पहुंच गया। 22 पिलर्स पर वर्टिकल गार्डनिंग होनी है इस लिहाज से यहां भी प्राधिकरण को 22 लाख रूपए का फायदा हो चुका है।

संबंधित खबरें

मधुबन बापूधाम में भी खुद आरओबी बनाने की तैयारी
सूत्रों की माने तो मधुबन बापूधाम में बनने जा रहे आरओबी के निर्माण का जिम्मा भी जीडीए खुद लेने जा रहा है। इस आरओबी के निर्माण पर 20 करोड का खर्चा है। फिलहाल जीडीए ने आरओबी के निर्माण की स्वीकृति के लिए रेलवे मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा है।

होली के जश्न में डूबा था परिवार, बाथरूम में आपत्तिजनक हालत में मिला डीजीएम और पत्नी का शव

पैसा ही नही साख भी बचेगी
दरअसल जीडीए द्वारा खुद कुछ परियोजनाओं को हाथ लेने का कारण सिर्फ पैसा बचाना ही नही है। इसके जरिए जीडीए अपनी साख भी बनाना चाहता है। इसके जरिए छोटे कामों में होने वाली देरी और गुणवत्ता संकट जैसे सवालों से जीडीए बचना चाहता है। राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर लाइन शिफ्टिंग की वजह से काम धीमी गति से चल रहा है। इस तरह प्राधिकरण एक तीर से दो शिकार करना चाहता है।

इस जिले में चला राज्य सूचना आयोग का डंडा, इन बड़े अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

चीफ इंजीनियर का कहना

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह ने बताया कि अभी केबल शिफ्टिंग के काम को प्राधिकरण अपने स्तर पर कराएंगा। इसके अलावा अन्य प्रोजेक्टस पर भी इसी तरीके से काम किए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।