UP का ये शहर देश में सबसे अधिक प्रदूषित, खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण

Highlights
- 350 के पार पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स
- प्रदूषण को रोकने के लिए गठित की गई विशेष टीम
- प्रदूषण फैलाने वालों पर अब होगा बड़ा एक्शन

गाजियाबाद. दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब हो गया है। यदि आंकड़ों की बात की जाए तो गाजियाबाद में बुधवार को की सुबह का एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 के पार पहुंच गया है। वसुंधरा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 327, इंदरापुरम में 323 और संजय नगर में 362 दर्ज किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है। इसे मानकों के हिसाब से खतरनाक माना जाता है। हालांकि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने तमाम तरह की योजनाएं बनाई हैं। इसके लिए बाकायदा 20 अधिकारियों के साथ कुल 28 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भी शामिल रहेंगे।

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बता दें कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी (ग्रेप) लागू होने के बाद गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने भी जिले में ग्रेप इंप्लीमेंटेशन स्क्वायड यानी जीआईएस का गठन कर दिया है। अब जिले में जीआईएस प्रदूषण के खिलाफ जंग लड़ेगा और जहां भी प्रदूषण फैलाए जाने की सूचना इस टीम को मिलेगी वह तत्काल प्रभाव से उस पर एक्शन करते हुए प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का कार्य करेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास मानव संसाधनों की कमी के चलते इस स्क्वायड में जल निगम और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक और अवर अभियंताओं को भी शामिल किया गया है। यानी इस टीम में कुल 28 लोगों को शुरुआती दौर में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं जिलाधिकारी के आदेश के बाद बाकायदा मंगलवार को ट्रांस हिंडन इलाके में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने बताया कि ग्रेट इंप्लीमेंटेशन स्क्वायड के अध्यक्ष वह स्वयं होंगे। वहीं सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा को बनाया गया है। बाकी सभी अभियंता इस टीम में सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे और यह टीम जनपद में जगह-जगह भ्रमण कर यह जांच करेगी। कि आखिरकार प्रदूषण किस कारण से और किस इलाके में फैल रहा है। इतना ही नहीं इस योजना के तहत कई दोषी उद्योगों को भी चिन्हित कर उद्योगों में प्रयोग किए जा रहे इंधन की जांच भी की जाएगी।

निर्माणाधीन इमारतों के आसपास फैलने वाले रेत, रोड़ी, बदरपुर, सीमेंट समेत सभी बिल्डिंग मैटेरियल को खुले में डालने वालों पर और खुले में कूड़ा जलाने वालों और प्लास्टिक इस्तेमाल किए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रेप लागू होने के बाद अब जनपद में डीजल जनरेटर सेट भी तत्काल प्रभाव से बंद किए जाएंगे, ताकि हर हाल में लगातार बढ़ते इस प्रदूषण को रोका जा सके।

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lokesh verma
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