
अखिलेश यादव शिवपाल यादव और योगी आदित्यनाथ
समाजवादी सेकुलर मोर्चा के लिए शिवपाल यादव ने गोरखपुर में सपा को जोरदार झटका दिया है। जिले के कद्दावर सपाई को समाजवादी सेकुलर मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाकर शिवपाल यादव ने योगी के गढ़ में बेहतर ढंग से एंट्री की है।
शिवपाल यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चा के जिलाध्यक्ष बनाए गए राममिलन यादव समाजवादी पार्टी के स्थापना काल से जुड़े नेता हैं।
गोरखपुर जिला के तीन बार वह जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।
गोरखपुर के नर्रे गांव के रहने वाले राममिलन यादव पेशे से अधिवक्ता हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता के पद पर रह चुके राममिलन यादव की शिक्षा-दीक्षा गोरखपुर में ही हुई है। बड़हलगंज से एग्रीकल्चर से स्नातक करने के बाद डीडीयू से एलएलबी करने वाले राममिलन यादव ने वकालत करना शुरू किया।
राममिलन यादव बताते हैं कि समाजवादी पार्टी की राजनीति उन्होंने मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव से प्रेरित होकर शुरू की थी। तीन बार सपा के जिलाध्यक्ष पद रहने के साथ विभिन्न आंदोलनों में रहे।
उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी में काफी दिनों से उनके नेता शिवपाल यादव को किनारे करने की कोशिश की जा रही थी। उनको पद नहीं दिया जा रहा था। काफी इंतजार के बाद भी कोई तवज्जो नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि उनके नेता शिवपाल यादव के साथ ही नेताजी से जुड़े लोगों को पार्टी का कोई महत्वपूर्ण पद नहीं दिया जा रहा था। काफी दिनों से वे लोग उपेक्षित थे।
राममिलन को पद मिलने के बाद कई सपाईयों के टूटने की आशंका
गोरखपुर में शिवपाल यादव के संगठन से राममिलन यादव के जुड़ने से सपा में भी टूट की आशंका जताई जा रही है। गोरखपुर के तमाम उपेक्षित सपाई नए संगठन का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, सपा नेतृत्व किसी प्रकार की आशंका को खारिज कर रहा। लेकिन सूत्रों की मानें तो गोरखपुर सपा के कई कद्दावर जल्द ही समाजवादी सेकुलर मोर्चा का झंड़ा अपनी गाड़ियों पर लगा सकते हैं।
Updated on:
03 Oct 2018 12:23 pm
Published on:
03 Oct 2018 12:23 pm
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