
ग्रेटर नोएडा। केंद्र में पीएम मोदी और राज्य में सीएम योगी ने ना खाएंग ना खाने देंगे की चेतावनी दी इतना ही नहीं भष्ट्र अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कर्रवाई करने का वादा किया। लेकिन लगता है सरकारी कुर्सी पर बैठे कर्मचारियों को सरकार की इस हिदायत का जरा भी फर्क नहीं पड़ रहा। तभी तो व्यापार का लाइसेंस बनाने के लिए रिश्वत लेते मंडी समिति के कर्मचारी को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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मामला ग्रेटर नोएडा का है जहां एंटी करप्शन टीम ने मंडी समिति के सहायक को मंडी व्यापार का लाइसेंस बनाने की एवज में व्यापारी से 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। दऱअसल दादरी मंडी समिति के सहायक रविन्द्र शर्मा से दिल्ली के रहने वाले देवराज सिंह ने अपनी कंपनी अंजलि इंटरप्राइजेज के नाम पर व्यापार का लाइसेंस बनवाने के लिए अप्लाई किया था। जिसकी एवज में मंडी समिति के सहायक रविंद्र शर्मा ने देवराज से 50 हजार रुपये की रिश्वत की डिमांड की, जबकि मंडी समिति व्यापार लाइसेंस की 251 रुपये सरकारी फीस है। जिसके बाद देवराज ने इस बात की शिकायत मेरठ मंडल की एंटी करप्शन टीम से की जिसने देर शाम दादरी नवीन मंडी में जाकर सहायक रविंद्र शर्मा को रंगे हाथों धर दबोचा।
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गिरफ्तार मंडी समिति के सहायक रविंद्र शर्मा को 50 हजार रुपये समेत दादरी पुलिस के हवाले कर दिया। वही परिवार वालों ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है उनका कहना है कि मंडी समिति के सहायक रविंद्र शर्मा ने कुछ दिन पहले नोएडा एक्सप्रेस वे पर झांसी में तैनात मंडी समिति के इंस्पेक्टर मनोज सोरी और उसके गार्ड को रंगे हाथों अवैध उगाही करते हुए गिरफ्तार करवाया था। जिसके चलते आरोपी मनोज सूरी ने बदला लेने की नियत से झूठे मामले में फंसवा दिया है। सुने क्या कुछ कहा :
एंटी करप्शन टीम ने मंडी समिति के सहायक को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार
Published on:
3 May 2018, 11:36 AM IST
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