
ग्रेटर नोएडा. कस्बा दनकौर में भाजपा प्रत्याशी के भाई ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया गया है कि मृतक कांग्रेस प्रत्याशी को सपोर्ट कर रहा था। हालांकि पुलिस चुनावी रंजिश से इनकार किया है। वहीं इस गोलीकांड में पुलिस की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि पुलिस और प्रशासनिक अफसरोें को चुनाव से पहले लाइसेंसी हथियार जमा कराने थे, लेकिन पुलिस हथियार जमा ही नहीं करा पाई। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने एक आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। अभी पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है।
जानकारी के अनुसार द्रोण मंदिर के पास दनकौर निवासी सागर शर्मा की गोली मारकर हत्या की गई है। बताया गया है कि सागर को सटाकर गोली मारी गई है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दनकौर नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे सोनू वर्मा के चचेरे भाई दीपक वर्मा और मनोज वर्मा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। बताया गया है कि सागर शर्मा शुरुआत में भाजपा का समर्थन कर रहा था। लोगों की मानें तो वह बाद में कांग्रेस को सपोर्ट करने लगा था। सूत्रों की मानें तो दीपक शराब के नशे में धुत था, जिसने शराब के नशे में सागर की गोली मारकर हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं पुलिस ने दीपक के भाई मनोज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बीजेपी प्रत्याशी का भाई दीपक वर्मा फरार है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
चुनाव से पहले जमा कराने थे लाइसेंसी हथियार
हत्या के इस मामले में पुलिस की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि बीजेपी प्रत्याशी होने की वजह से उसके भाई का लाइसेंसी हथियार जमा नहीं कराया गया था। परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार होने की वजह से नियमों को ताक पर रख दिया गया। परिजनों की मानें तो अगर पुलिस पहले ही लाइसेंसी हथियार जमा करा लेती तो सागर की जान नहीं जाती। जबकि जिले में आचार संहिता लागू होने के साथ ही डीएम बीएन सिंह नेे लाइसेंसी हथियार जमा कराने के निर्देश पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को दिए थे। वहीं दनकौर नगर पंचायत को जिला प्रशासन संवेदनशील घोषित कर चुका था। उसके बाद भी लापरवाही बरती गई है। दनकौर कोतवाली प्रभारी फरमूद अली ने बताया कि हत्या के मामले में मनोज वर्मा को अरेस्ट कर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ लाइसेंसी हथियार पहले जमा करा लिए गए थे और कुछ कराए जा रहे हैं।
Updated on:
21 Nov 2017 03:21 pm
Published on:
21 Nov 2017 10:17 am
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