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सुपर स्पेशलिटी… 45 मिनट की एंडोस्कोपी ने बचाया तीन साल की मासूम का पेट कटने से

शिवपुरी की रहने वाली तीन साल की मासूम निवेशा के लिए मंगलवार की रात किसी खौफनाक सपने जैसी थी। खेल-खेल में मासूम ने एक हेयर पिन निगल ली, जिससे उसकी जान पर बन आई। हालांकि जीआरएमसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और कौशल से बच्ची का पेट कटने (बड़ी सर्जरी) से बचा लिया।
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मासूम के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर।

मासूम के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर।

ग्वालियर . शिवपुरी की रहने वाली तीन साल की मासूम निवेशा के लिए मंगलवार की रात किसी खौफनाक सपने जैसी थी। खेल-खेल में मासूम ने एक हेयर पिन निगल ली, जिससे उसकी जान पर बन आई। हालांकि जीआरएमसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और कौशल से बच्ची का पेट कटने (बड़ी सर्जरी) से बचा लिया। बिना किसी चीर-फाड़ के सिर्फ एंडोस्कोपी के जरिए टूटी हुई पिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल मासूम की सेहत बिल्कुल सामान्य है और डॉक्टरों की देखरेख में है, जिसे शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

टूटी पिन फंसी नली में…
डॉक्टरों के लिए यह केस इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि हेयर पिन टूटी हुई थी, जिसके तीखे हिस्से खाने की नली को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते थे। यदि एंडोस्कोपी से सफलता नहीं मिलती, तो बच्ची का बड़ा ऑपरेशन (सर्जरी) करना पड़ता। हालांकि करीब 45 मिनट तक चली सावधानीपूर्वक प्रक्रिया के बाद डॉक्टरों ने पिन को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।


चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया
बुधवार सुबह परिजन बच्ची को लेकर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचे। यहां पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अंकित अग्रवाल ने तुरंत स्थिति को संभाला और पिन निकालने की प्रक्रिया शुरू की। इस जटिल काम में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. कौशल जेठानी, डॉ. मनमोहन ङ्क्षजदल और ऑपरेशन थिएटर के स्टाफ ने अहम सहयोग दिया।


शिवपुरी से किया गया था रेफर…
परिजनों के मुताबिक पिन निगलने के बाद बच्ची को अचानक असहजता और परेशानी होने लगी। परिजन तत्काल उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां एक्स-रे जांच में हेयर पिन खाने की नली (फूड पाइप) में फंसी हुई दिखाई दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय डॉक्टरों ने बच्ची को तुरंत ग्वालियर के जीआरएमसी स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। इसके चलते बच्ची का समय पर ऑपरेशन हो सका।