
साइबर ठगी का प्रतीकात्मक चित्र
ग्वालियर। शहर में ठग बुजुर्गों को अलग-अलग तरीके से अपने जाल में फंसा रहे हैं। कहीं गृह-नक्षत्रों की चाल बिगड़ने का डर दिखाकर सोने की अंगूठी उतरवाई जा रही है तो कहीं पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराई जा रही है। ग्वालियर में सामने आए ठगी के दो मामलों में रिटायर्ड फौजी से एक लाख रुपए कीमत की सोने की अंगूठी ठग ली गई, जबकि रिटायर्ड ड्राफ्टमैन के बैंक खाते से 89 हजार रुपए निकाल लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दाल बाजार की तेजेंद्रनाथ की गली निवासी रिटायर्ड फौजी चंदन सिंह यादव (88) 9 अगस्त की सुबह रोज की तरह मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। लौटते समय सनातन धर्म मंदिर के पास बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। युवकों ने चंदन सिंह से कहा कि उनकी अंगूठी में लगा नग नुकसानदायक है और उनके गृह-नक्षत्रों की चाल बिगाड़ रहा है।
बदमाशों ने कहा कि वे एक नजर में बता सकते हैं कि अंगूठी में लगा नग असली है या नकली। उनकी बातों में आकर चंदन सिंह ने अंगूठी उतारकर दोनों युवकों को दे दी। इसके बाद बदमाश बाइक से अंगूठी लेकर फरार हो गए। चंदन सिंह ने अंगूठी की कीमत करीब एक लाख रुपए बताई है।
खास बात यह है कि वारदात इंदरगंज थाने से करीब 150 मीटर दूर हुई। पुलिस ने घटना के करीब 45 दिन बाद ठगी का केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी दीप्ति तोमर ने बताया कि बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए जा रहे हैं। अब तक आरोपियों का पता नहीं चला है।
दूसरे मामले में आदित्यपुरम, महाराजपुरा निवासी एग्रीकल्चर कॉलेज के रिटायर्ड ड्राफ्टमैन भागीरथ चौरसिया (62) साइबर ठगी का शिकार हो गए। भागीरथ ने पुलिस को बताया कि 14 सितंबर की शाम वह यूट्यूब पर भजन सुन रहे थे। इसी दौरान पेंशन कार्ड बनवाने का विज्ञापन दिखाई दिया। घर बैठे पेंशन कार्ड बनवाने की इच्छा से उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक पर क्लिक कर मोबाइल नंबर दर्ज किया।
कुछ देर बाद उनके पास फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआइ हेड ऑफिस का कर्मचारी बताया और पेंशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया समझाई। इसके बाद उसने ‘एसबीआइ पेंशनकार्ड एप्लाई डॉट एपीके’ नाम से एक फाइल मोबाइल पर भेजी।
भागीरथ ने फाइल खोलकर उसमें मांगी गई जानकारी भर दी। इसके कुछ देर बाद उनके बैंक खाते से दो बार में कुल 89 हजार रुपए निकल गए। खाते से रकम निकलने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
दोनों मामलों में ठगों ने तरीका अलग अपनाया, लेकिन निशाना बुजुर्ग ही बने। एक मामले में ज्योतिष और गृह-नक्षत्रों के नाम पर भरोसा हासिल किया गया, जबकि दूसरे में बैंक कर्मचारी बनकर साइबर ठगी की गई। पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों की तलाश कर रही है।
Updated on:
25 Sept 2026 06:15 pm
Published on:
25 Sept 2026 06:14 pm
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