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सीए से 21 करोड़ की साइबर ठगी में ढाबा संचालक गिरफ्तार, 5 हजार में बेचा था बैंक खाता

सीए से निवेश के नाम पर 21.05 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में स्टेट साइबर सेल ने पीथमपुर के ढाबा संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 5 हजार रुपए में बैंक खाता साइबर ठगों को दिया था।
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photo by AI

ठगी का प्रतीकात्मक चित्र

ग्वालियर। चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से निवेश के नाम पर हुई 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए की साइबर ठगी की जांच में स्टेट साइबर सेल ने धार के पीथमपुर से एक ढाबा संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपना सेविंग बैंक खाता महज 5 हजार रुपए में साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इसी खाते में सीए से ठगी गई रकम में से 9 लाख रुपए ट्रांसफर हुए। पुलिस ने ट्रांजेक्शन की कड़ी जोड़ते हुए पीथमपुर निवासी राहुल मालीवाड़ (32) को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस खाते का सौदा कराने वाले एजेंट की तलाश कर रही है।

ठगी की रकम कई खातों में हुई ट्रांसफर

स्टेट साइबर सेल के अनुसार, सीए अशोक विजयवर्गीय को निवेश के नाम पर झांसे में लेकर 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए की ठगी की गई थी। शिकायत के बाद हुई जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने रकम को एक ही खाते में रखने के बजाय कई बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। इसी ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान पीथमपुर के मां लक्ष्मी ढाबा संचालक राहुल मालीवाड़ का बैंक खाता सामने आया।

राहुल का उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की पीथमपुर शाखा में सेविंग अकाउंट है। साइबर सेल ने खाते में हुई संदिग्ध गतिविधियों और रकम के ट्रांसफर की कड़ी को जांच में शामिल किया। इसके बाद राहुल को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।

25 लाख पहले दूसरे खाते में पहुंचे

जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने सीए से ठगी गई रकम में से 25 लाख रुपए मुंगेली, छत्तीसगढ़ निवासी ट्रांसपोर्टर मिथलेश जायसवाल के बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। मिथलेश ने इसमें से 11 लाख रुपए निकाल लिए थे। इसके बाद बची रकम में से राशि राहुल मालीवाड़ के खाते में ट्रांसफर की गई।

साइबर सेल ने इसी लेनदेन को ट्रैक करते हुए राहुल तक पहुंच बनाई। खाते में सीए से ठगी गई रकम पहुंचने के बाद राहुल की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।

टेलीग्राम पर हुआ खाते का सौदा

पूछताछ में राहुल ने साइबर सेल को बताया कि उसने टेलीग्राम के जरिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने का सौदा किया था। इसके बाद इंदौर निवासी एक एजेंट उससे मिलने आया। दोनों के बीच आमने-सामने खाते का सौदा तय हुआ। राहुल के अनुसार, एजेंट ने खाते में रकम आने के बाद स्वयं साथ जाकर रुपए निकलवाने की बात कही थी।

सीए से ठगी की रकम खाते में पहुंचने के बाद एजेंट राहुल को एटीएम तक लेकर गया। वहां उससे रकम निकलवाई गई। साइबर सेल अब यह पता लगाने में जुटी है कि एजेंट किसके संपर्क में था और खाते में पहुंची रकम को आगे किन लोगों तक पहुंचाया गया।

एजेंट की तलाश, ट्रांजेक्शन की जांच जारी

राज्य साइबर सेल के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि बैंक खाता खरीदने वाले एजेंट के बारे में जानकारी मिली है और उसकी तलाश की जा रही है। ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।

साइबर सेल अब ठगी की रकम के पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही है। जांच का फोकस उन बैंक खातों और लोगों पर भी है, जिनके जरिए 21 करोड़ रुपए से अधिक की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया।