
चेकिंग के दौरान की पुलिस से बहस या झगड़ा किया तो चालान के साथ होगी FIR
मध्य प्रदेश की ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस की वर्दी पर बुधवार से बॉडी वॉर्न कैमरे भी चिपका दिए गए हैं। 35 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ये कैमरे बांटे गए हैं। चैकिंग प्वॉइंटस पर पुलिसकर्मियों ने किस वाहन चालक को क्यों रोका है, उसकी किस गलती पर चालान काटा गया है, ये सब बॉडी वॉर्न कैमरे में रिकॉर्ड हो जाएगा। इसके अलावा वाहन चालकों से चैकिंग के दौरान अगर बहस या झगड़ा होता है तो उसकी शुरुआत क्यों हुई, उसका दोषी कौन है ? इस सब की रिकॉर्डिंग भी कैमरे में हो जाएगी। आपको बता दें कि, विभाग की ओर से शहर की यातायात पुलिस को 35 बॉडी वॉर्न कैमरे दिए गए हैं। इन बॉडी वॉर्न कैमरों का मकसद यातायात पुलिस की कार्रवाई में पारदर्शिता लाना है।
दरअसल ट्रैफिक पुलिस पर अकसर लोग बिना वजह परेशान करने के आरोप लगाते रहते हैं। अब पुलिसकर्मी की वर्दी पर ही बॉडी वॉर्न कैमरा लगा होगा तो रिकॉर्डिंग के माध्यम से सच का पता लगाया जा सकेगा। ये भी जाना जा सकेगा कि, आखिर किस गलती पर यातायात पुलिस ने वाहन चालक को रोका है। उस पर जो कार्रवाई की है वो जायज है या नहीं। अगर वाहन चालक चालानी कार्रवाई की खुन्नस में पुलिस से जूझ रहा है और झूठे आरोप लगा रहा है तो उस पर कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) के लिए कैमरे के फुटेज पुख्ता सबूत माने जाएंगे।
दिन भर की कार्रवाई की होगी रिकॉर्डिंग
बॉडी वॉर्न कैमरा पुलिसकर्मी वर्दी पर चस्पा कर सकेंगे। इसमें वीडियो के साथ आवाज भी रिकॉर्ड हो सकेगी। कैमरे में 32 जीबी मैमोरी स्टोरेज होगी। यातायात डीएसपी नरेश अन्नोटिया ने बताया कि, फिलहाल 35 पुलिसकर्मियों को कैमरे दिए जा रहे हैं। डयूटी पर पुलिसकर्मी कैमरा ऑन कर तैनात होंगे। इसमें दिन भर की कार्रवाई आसानी से रिकॉर्ड होगी। जरूरत पड़ने पर कैमरे में रिकॉर्ड फुटेज को कंम्प्यूटर पर ट्रांसफर कर सीडी बनाई जा सकेगी।
पहली खैप में बांटे जा रहे हैं 35 कैमरे
वहीं, यातायात एएसपी मृगाखी डेका ने बताया कि, पहली खेप में 35 कैमरे बांटे गए हैं। बाकी कैमरे दूसरी खेप में बांटे जाएंगे। शुरूआत में यातायात पुलिस के अधिकारियों को कैमरे दिए गए हैं। अगली खेप में कर्मचारियों को भी कैमरे मुहैया कराए जाएंगे।
यह है खासियत
-कैमरे में 1296 पिक्सल सुपर वीडियो क्वालिटी।
-दिन के अलावा रात में भी रिकॉर्डिंग होगी।
-128 जीबी का अधिकतम मैमोरी।
-वन टच रिकॉर्डिंग, लगातार 12 घंटे की रिकार्डिंग, 140 डिग्री दर्शिता।
-पानी, गिरने और झटका लगने पर भी सुरक्षित ।
कैमरे के यह होंगे फायदे
-चैकिंग प्वॉइंट पर पुलिस किस तरह काम कर रही है। रिकॉर्डिंग से पता चलेगा।
-वाहन चालक से विवाद की स्थिति क्यों बनी। उसका दोषी कौन है।
-चालक के अलावा उसका वाहन भी कैमरे में रिकॉर्ड होगा।
Published on:
5 Jan 2023, 7:29 PM IST
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