
ग्वालियर.रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के मामले में आरोपी सोनू माथूर का जमानत आवेदन न्यायालय ने खारिज कर दिया। एके मंसूरी, अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी के जमानत आवेदन को खारिज करते हुए कहा वर्तमान में कोविड-19 महामारी विकराल फैली हुई है और आम आदमी बीमारी से संक्रमित होकर अस्पताल में जीवन-मौत से जूझ रहा है। संक्रमित मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन जीवन रक्षक के रूप डॉक्टर लिख रहे हैं।
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लेकिन इस जीवन रक्षक इंजेक्शन को कुछ स्वार्थी लोग अत्याधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों के जीवन परवाह किए बिना कालाबाजारी कर मुनाफाखोरी जैसा अमानवीय कृत्य कर रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी की परिस्थिति और अभियुक्त का उक्त कृत्य अत्यधिक गंभीर प्रकृति का है, आरोपी को जमानत देना ऐसे तत्वों को समाज में मनोबल मिलता है जो पूरे समाज और मानवता के हितों के विपरीत है। अत: उक्त तथ्य एवं परिस्थितियों में अभियुक्त के जमानत आवेदन को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी घनश्याम मंगल एजीपी ने की।
पुलिस को 29 अप्रेल-21 को मुखबिर ने सूचना दी कि माधव नगर गेट पर तीन व्यक्ति मैक्स केयर हॉस्पिटल के पास में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं। पुलिस ने मौके से रवि रजक, मोहसिन व सोनू को पकड़ा। नीरज दण्डौतिया बताया जिसने बताया कि वह अपने परिजन जो कोविड मरीज है उनके लिए इन युवकों से रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने आया था। आरोपीगण ने बताया 2 इंजेक्शन 35,000 रुपए में देना तय हुआ था। मौके से आरोपी सोनू से 15000 रुपए व एक रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं एक आइडी कार्ड मैक्स केयर हॉस्पीटल का जप्त किया था। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर पुलिस थाना क्राइम ब्रांच ने तीनों युवकों पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
Published on:
10 May 2021 07:58 am
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