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लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सहायक अध्यापक पद से हटाए गए शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। दरअसल यह हाल तब है जब सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में मानदेय भुगतान के लिए रकम अक्टूबर की शुरुआत में ही जारी कर दी गई है।
बेसिक शिक्षा सचिव ने जारी किए निर्देश
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने शिक्षा मित्रों से जुड़े इस मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है। संजय सिन्हा ने बीते सोमवार को यूपी के सभी BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारियों) को 25 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान करने और संबंधित कार्रवाई से उसी दिन उन्हें अवगत कराने का निर्देश जारी किया है। साथ ही बेसिक शिक्षा सचिव ने ऐसा न होने पर संबंधित बीएसए के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।
सीएम योगी से की थी मुलाकात
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को शिक्षा मित्रों का सहायक अध्यापक के पद से समायोजन रद्द कर दिया था। इसके बाद से ही शिक्षा मित्रों ने पठन- पाठन छोड़कर आंदोलन शुरू कर दिया। इस बीच शिक्षा मित्रों की मुख्यमंत्री से लेकर उच्च अधिकारियों तक से कई चरणों में बातचीत हुई। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा मित्रों का मानदेय साढ़े तीन हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने का आश्वासन दिया।
बीएसए ने नहीं किया भुगतान
पहले समायोजित शिक्षा मित्रों और उसके बाद और उसके बाद अक्टूबर की शुरुआत में असमायोजित शिक्षा मित्रों को बढ़े मानदेय के भुगतान के संबंध में सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय से आदेश जारी हुआ लेकिन फिर भी ज्यादातर बीएसए ने शिक्षा मित्रों को उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया था।
प्रेरकों ने भी मांगा 30 महीने का मानदेय
आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन ने बीएसए को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा प्रेरकों को बकाया 30 महीने के मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की है। आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन ने शासन द्वारा बढ़ाई गई संविदा 31 दिसंबर तक का आदेश तत्काल सभी ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को देने की मांग की है।
Updated on:
29 Oct 2017 12:44 pm
Published on:
24 Oct 2017 11:08 am
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