
एलर्जी की समस्या है तो इन बातों को जानें
शरीर के किसी चीज से असहज होकर प्रतिक्रिया देना एलर्जी है। यह खाने की चीजों, पालतू जानवरों, मौसमी बदलाव, फूल-पराग कणों, खुशबू, कोई तत्व, फल-सब्जियों, धूल, धुआं, दवा से होती है। कमजोरइम्युनिटी वालों को बार-बार होती है।
इलाज व परहेज
जिनमें खून की कमी होती है, विटामिन डी या कैल्शियम की कमी है तो गेहूं से होने वाली ग्लूटेन एलर्जी की अधिक आशंका। इन्हें गेहूं के उत्पाद नहीं खाने चाहिए। इसमें कई दवाइयां, इनहेलर देते हैं। इम्यूनो थैरेपी और एलर्जी शॉट्स से भी इलाज किया जाता है।
इस तरह कर सकते हैं बचाव
डस्ट माइट से सबसे अधिक एलर्जी। धूल-धुएं से बचें। पौछा गीला लगाएं। जिन चीजों से एलर्जी बढ़ती है तो उनसे दूर रहें। खट्टी- ठंडी चीजों का परहेज करें। कोई भी दवा अपने मन से न लें।
अस्थमा और एलर्जी में अंतर
कई दिनों से सर्दी, जुकाम, खांसी या सांस लेने में परेशानी एलर्जी हो सकती है। लेकिन अस्थमा में इन लक्षणों के साथ रात में सोते समय खांसी, सीने में जकडऩ सीढिय़ां चढ़ते या व्यायाम से सांस फूलती है। हालांकि पुष्टि के लिए डॉक्टर को दिखाना, जांच जरूरी है।
Updated on:
28 Feb 2020 01:28 pm
Published on:
28 Feb 2020 01:28 pm
