13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Dental Problem : दांतों की क्लीनिंग कितने समय में करानी चाहिए, जानिए डेंटल सर्जन से

Dental Problem : दातों की सेहत पूरे शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। दांत दर्द, कैविटी और ब्रेसेस जैसी आम समस्याओं पर आपके सवालों के जवाब दे रही हैं जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज की सीनियर प्रोफेसर डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल । यहाँ पढ़िए दांतों से जुड़े 10 जरूरी सवालों के उनके सटीक उत्तर।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Manoj Vashisth

May 16, 2025

Dental Problem

Dental Problem

Dental Problem : दांतों की सेहत सिर्फ मुस्कान ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। दांतों में दर्द, कैविटी, मसूड़ों की समस्या या ब्रेसेस जैसे सवाल लगभग हर उम्र के लोगों को परेशान करते हैं। इन्हीं आम लेकिन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे रही हैं डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल, जो एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में सीनियर प्रोफेसर हैं और जिन्हें 28 वर्षों का गहरा अनुभव प्राप्त है। यहां पढ़िए उनके द्वारा दिए गए 10 अहम सवालों के सटीक और व्यावहारिक उत्तर।

1. इनविजलाइन या मेटल ब्रेसेस – कौन बेहतर है?

    सवाल: क्या आप मुझे बता सकते हैं कि मेरी दांतों की पोजिशनिंग के लिए इनविजलाइन बेहतर होगा या मेटल ब्रेसेस?

    रीना शास्त्री
    जवाब: यदि आपके दांतों की गड़बड़ी हल्की से मध्यम स्तर की है तो इनविजलाइन एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह पारदर्शी होता है और दिखता भी नहीं। लेकिन जटिल मामलों में मेटल ब्रेसेस अधिक प्रभावी साबित होते हैं। सही विकल्प का चुनाव आपके ऑर्थोडॉन्टिस्ट की सलाह से ही करें।

    दांताें की बीमारियों से जुड़े सवालों के जवाब दिए डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल ने


    2. रूट कैनाल के बाद दोबारा दर्द – क्या री-ट्रीटमेंट संभव है?

      सवाल: अगर रूट कैनाल पहले हो चुका हो और फिर से दर्द हो तो क्या री-ट्रीटमेंट मुमकिन है?

      संजय सिंह
      जवाब: हां, रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद भी अगर संक्रमण या दर्द दोबारा होता है तो री-ट्रीटमेंट किया जा सकता है। यह प्रोसेस थोड़ा जटिल होता है, लेकिन अनुभवी एंडोडॉन्टिस्ट इसे सफलतापूर्वक कर सकते हैं।

      यह भी पढ़ें : Right Way to Eat Chia Seeds : चिया सीड्स खाने का सही तरीका, 20 मिनट भिगोना है जरूरी : डायटीशियन की सलाह

      3. 11 वर्षीय बेटी के दांतों में गैप – क्या अभी ब्रेसेस लग सकते हैं?

        सवाल: मेरी बेटी 11 वर्ष की है। उसके दांतों में गेप हैं तो हम उसको अभी ब्रेसेस लगवा सकते है?

        मंजू वर्मा
        जवाब: हां, इस उम्र में बच्चों के स्थायी दांत आने के बाद ब्रेसेस लगाए जा सकते हैं। यदि गैप अधिक है तो जल्द इलाज शुरू करना फायदेमंद होगा। बच्चों के लिए ट्रीटमेंट जल्दी असर करता है।

        5. मसूड़ों से खून आना – क्या कारण और समाधान है?

          सवाल: अचानक से मेरे मसूड़ों से खून आना क्यों शुरू होता है? इसके लिए कोई उपचार बताएं?

          कान्ता राठौड़
          जवाब: यह मसूड़ों में सूजन या गम डिजीज का संकेत हो सकता है। इसकी मुख्य वजह प्लाक, गलत ब्रशिंग या विटामिन C की कमी हो सकती है। रोज़ाना दांतों की सफाई, माउथवॉश का इस्तेमाल और डेंटिस्ट से क्लीनिंग कराना जरूरी है।

          6. दांत में छेद – क्या हर बार रूट कैनाल जरूरी होता है?

            सवाल: अगर दांत में छेद है तो क्या हर बार रूट कैनाल जरूरी होता है?

            केसर भाटी
            जवाब: नहीं, हर बार रूट कैनाल जरूरी नहीं होता। यदि कैविटी केवल इनैमल या डेंटिन तक सीमित है तो फिलिंग से काम चल जाता है। रूट कैनाल तब होता है जब संक्रमण नस तक पहुंच चुका हो।

            7. दांतों का पीलापन – कैसे हटाएं?

              सवाल: मेरे दांतों में बहुत ज्यादा पीलापन रहता है। इसके लिए कोई उपचार बताएं?

              श्याम जैन
              जवाब: पीलापन दूर करने के लिए प्रोफेशनल स्केलिंग, पॉलिशिंग और कभी-कभी ब्लीचिंग की आवश्यकता होती है। साथ ही, चाय, कॉफी, तंबाकू और धूम्रपान से बचें और नियमित ब्रशिंग करें।

              यह भी पढ़ें : Sprouted Peanuts Benefits : रोज एक मुट्ठी अंकुरित मूंगफली खाने से क्या होता है, जानिए

              8. दांतों की क्लीनिंग – कितने समय में करानी चाहिए?

                सवाल: दांतों की क्लिनिंग आमतौर पर कितने महीनों में करवानी चाहिए?

                शालिनी जैन
                जवाब: हर 6 महीने में एक बार प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग करानी चाहिए ताकि प्लाक और टार्टर न जमे और मसूड़ों की बीमारियों से बचा जा सके।

                9. बच्चों की ब्रशिंग और कैविटी से बचाव

                  सवाल: बच्चों को दिन में कितनी बार ब्रश करना चाहिए और कैविटी से बचने के लिए किन चीजों को कम खाना चाहिए?

                  राकेश अग्रवाल
                  जवाब: बच्चों को दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए—सुबह और रात को सोने से पहले। उन्हें मीठी चीजें, चॉकलेट, कैंडी, सॉफ्ट ड्रिंक्स और जंक फूड कम देना चाहिए ताकि कैविटी से बचाव हो।

                  10. ब्रैसेस के बाद भी रीफिलिंग क्यों होती है?

                    सवाल: दांतों में ब्रेसेस लगवाने के बाद भी रीफीलिंग क्यों हो जाती हैं?

                    नेहा राठौड़
                    जवाब: ब्रेसेस के दौरान दांतों की सफाई करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। यदि ओरल हाइजीन ठीक से न रखी जाए तो दांतों में कैविटी बन सकती है, जिससे रीफिलिंग की ज़रूरत पड़ती है।

                    11. क्या मीठा खाना ही कैविटी की वजह है?

                      संबंधित खबरें

                      सवाल: क्या मीठा खाना ही कैविटी की एकमात्र वजह होती है?

                      सीमा शर्मा
                      जवाब: मीठा खाना कैविटी का प्रमुख कारण है, लेकिन एकमात्र नहीं। खराब ओरल हाइजीन, बार-बार खाना, एसिडिक ड्रिंक्स, और ब्रश न करना भी कैविटी का कारण बनते हैं।