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Prostate Cancer : प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है ये जांच

Prostate Cancer : प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों के लिए एक बड़ी चिंता बनता जा रहा है. पूरी दुनिया में यह पुरुषों को होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, और कैंसर से होने वाली मौतों की वजह में यह छठे नंबर पर आता है.

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भारत

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Manoj Vashisth

May 20, 2025

Prostate cancer symptoms,

प्रोस्टेट क्या है और यह कैंसर कैसे होता है? (फोटो सोर्स : Freepik)

Prostate Cancer : प्रोस्टेट कैंसर आजकल पुरुषों में तेजी से बढ़ रहा है। यह दुनिया भर में दूसरा सबसे आम कैंसर है और कैंसर से होने वाली मौतों का छठा सबसे बड़ा कारण भी. 2020 में, दुनिया भर में करीब 14 लाख नए प्रोस्टेट कैंसर के मामले सामने आए, और लगभग 3 लाख 75 हज़ार लोगों की इससे मौत हो गई।

प्रोस्टेट क्या है और यह कैंसर कैसे होता है? (What is prostate Cancer and how does it occur?)

प्रोस्टेट एक छोटा ग्रंथि होता है जो मूत्राशय के नीचे होता है और मूत्रमार्ग को चारों ओर से घेरे रहता है। यह कैंसर आमतौर पर प्रोस्टेट की ग्रंथि कोशिकाओं में शुरू होता है।

जोखिम कारक:

बढ़ती उम्र

पारिवारिक इतिहास

उच्च वसा और मांस वाला आहार

धूम्रपान

मोटापा

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लक्षणों को न करें नजरअंदाज (Prostate Cancer Symptoms)

प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार हल्के होते हैं, लेकिन समय रहते पहचाने जाएं तो इलाज संभव है।
प्रमुख लक्षण:

बार-बार पेशाब लगना

पेशाब या वीर्य में खून आना

पेशाब करते समय जलन

समय पर जांच से बढ़ती है जीवन की संभावना

Joe Biden Prostate Cancer: Trump और Kamala Harris ने जताया दुख

प्रोस्टेट कैंसर की समय पर पहचान से इलाज ज्यादा प्रभावी होता है। इसके लिए दो महत्वपूर्ण जांचें की जाती हैं:

1. PSA टेस्ट (Prostate Specific Antigen)

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यह खून की जांच होती है जिससे प्रोस्टेट ग्रंथि द्वारा बनाए गए विशेष प्रोटीन के स्तर का पता चलता है।

2. डिजिटल रेक्टल एग्ज़ाम (DRE)

यह एक सामान्य शारीरिक जांच होती है जिससे डॉक्टर प्रोस्टेट में किसी असामान्यता की पहचान कर सकते हैं।

अन्य जांचें:

बायोप्सी

ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड (TRUS)

MRI

बोन स्कैन

PET स्कैन

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इलाज: स्थिति के अनुसार सही रास्ता

इलाज का तरीका रोग की गंभीरता पर निर्भर करता है। आम तौर पर अपनाए जाने वाले विकल्प:

रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी: प्रोस्टेट ग्रंथि को ऑपरेशन से निकाला

रेडिएशन थेरेपी

कीमोथेरेपी

हार्मोनल थेरेपी

रोकथाम और सतर्कता: आज की जरूरत

स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है:

संतुलित और कम वसा वाला खाना

नियमित व्यायाम

धूम्रपान और शराब से दूरी

50 की उम्र के बाद हर साल PSA और DRE कराना, और अगर परिवार में किसी को यह रोग रहा हो, तो जांच पहले शुरू करें।

विशेषज्ञ की सलाह जरूरी

किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। हमेशा किसी अनुभवी यूरोलॉजिस्ट से परामर्श करें। नियमित चेकअप और समय पर इलाज ही इस बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवन की गारंटी है।