जब प्यार किसी से होता है तो सीमाएं, सरहद, जात-पात, ऊंची नीच और भाषा इन सबको पीछे छोड़ देता है। कुछ ऐसा ही प्यार जर्मन की एक युवती को भी हुआ। जर्मन की ये युवती बिहार के एक युवक को अपना दिल दे बैठी। बस फिर क्या था, अपने प्यार को पाने के लिए इस लड़की ने सात समंदर की बाधा को भी पार कर लिया। इसके बाद जर्मनी की शोध छात्रा लारिसा बेंज ने अपने बिहारी प्रेमी सत्येंद्र कुमार के साथ हिंदू विधि विधान के साथ शादी रचाई। इस अनूठी शादी का साक्षी नालंदा का जिला राजगीर बना है। जब जर्मन की दुल्हनिया और बिहार का दूल्हा शादी के स्टेज पर चढ़े तो हर किसी की निगाह ठहर गई।