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ये है दुनिया का सबसे अमीर गांव, हर नागरिक के खाते में हैं करोड़ों रुपए

गांव का नाम आते ही दिमाग में कच्चे घर, टूटी हुई सड़कें और बेरोजगारी की झलक नजर आती है। अपने देश में दुनिया सबसे अमीर गांव है, जहां पर हर नागरिक करोड़पति है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस गांव में 17 बैंक है। इस गांव को मुख्य व्यवसाय आज भी कृषि ही है।
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नई दिल्ली

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Shaitan Prajapat

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Updated: 24 May 2022, 4:20 PM IST

village madhapar

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आज इस दुनिया में बहुत से लोग ऐसे है जो दो वक्त की रोटी के लिए दिन और रात कड़ी मेहनत करते है। कुछ लोग ऐसे भी है जिनको यह भी नसीब नहीं होती है। आज के समय में हर कोई पैसे के पीछे भाग रहा है। लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण लोग अपनी आवश्यताओं को पूरा करने बाद कुछ भी नहीं बचा पाते है। आज आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे है जो पूरी दुनिया का सबसे अमीर गांव है। ऐसा कहा जाता है कि इस गांव में रहने वाले हर नागरिक के खाते में करोड़ रुपए जमा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी यह अमीर गांव अपने देश में है। गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मधापार नाम का यह गांव बैंक जमा के मामले में दुनिया के सबसे अमीर गांवों में से एक है।

गांव में है 17 बैंक
मदपार गांव में 7600 से ज्यादा मकान है और सभी पक्के बने हुए है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस गांव में 17 बैंक है। यहां रहने वाले हर आदमी के बैंक अकाउंट में करीब पांच करोड़ रुपए जमा है। यानी इस गांव का हर शख्स करोड़पति है। यहां पर आपको हर सुविधा मिलेगी। इस गांव में बैंकों के अलावा स्कूल, कॉलेज, झील, पार्क, अस्पताल और मंदिर भी बने हैं। गांव में एक अत्याधुनिक गौशाला भी है।

इतना अमीर क्यों है ये गांव
अब आप सोच रहे होंगे कि ये गांव भारत के बाकी गांवों से अलग क्यों है। मधापार गांव के ज्यादा लोग NRI हैं। उनके रिश्तेदार विदेशों में बिजनेस करते है। इसमें यूके, अमेरिका, अफ्रीका के अलावा गल्फ के देश भी शामिल हैं। ये लोग पेसे कमाकर गांव की तरक्की में सहयोग करते और पैसा इकट्ठा करते है।

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लंदन से है खास कनेक्शन
मधापार गांव में ज्यादातर आबादी पटेल की है। इनमें से 65 प्रतिशत से ज्यादा लोग NRI हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक़, 1968 में मदपार विलेज एसोसिएशन का गठन लंदन में किया गया था, ताकि विदेश में लोग एक जगह मीटिंग कर सके। एक ऑफिस मदपार में भी खोला गया। जिससे लोगों को एक-दूसरे से जोड़े रहे। विदेशों में रहने के बावजूद भी उनकी जड़ें अपने गांव में है। आपको यह जानकर हैरानी होगा कि आज भी इस गांव का मुख्य व्यवसाय कृषि ही है।

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