
महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए आंध्रप्रदेश में बनेगा नया कानून, यह कड़े प्रावधान होंगे शामिल
(हैदराबाद): महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए आंध्रप्रदेश सरकार एक नया कानून बनने जा रही है। इसके अनुसार इस तरह के मामलों में 1 हफ्ते में जांच पूरी होगी और 3 हफ्तों में फैसला सुनाने का प्रावधान होगा। आंध्र विधानसभा में बुधवार को यह बिल लाया जा रहा है।
सोमवार को विधानसभा में महिला अत्याचार पर हुई बहस के दौरान आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने तेलंगाना में हुए हैदराबाद महिला डॉक्टर के रेप और हत्या मामले के आरोपियों के एनकाउंटर को समर्थन दिया। विधानसभा में मुख्यमंत्री जगन ने बताया कि रंगे हाथों पकडे जाने वाले आरोपियों को मुत्यु दंड का प्रावधान किया जा रहा है। महिलाओं और बच्चों के ऊपर अत्याचारों की जांच के लिए हर जिले में विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जगन ने बताया कि पहले ही आंध्र में जीरो एफआईआर सिस्टम लागू किया जा चूका है। साथ ही, पिछले छह महीनों के दौरान 43 हजार अनाधिकृत शराब की दुकानें तथा बार बंद किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री जगन ने कहा कि "तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर और तेलंगाना पुलिस ने एक सप्ताह के अंदर दिशा मामले के आरोपियों को मौत की सजा देकर बहुत प्रशंसनीय काम किया है। उनको मेरा सलाम है। मुझे समझ नहीं आता कि बलात्कारियों की हत्या पर इतना बवाल क्यों मच रहा है।"
Published on:
09 Dec 2019 10:05 pm
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