
यहां सोने के कमल पुष्प और कुमकुम से होती है मां महालक्ष्मी की अर्चना
इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में ऐसा भी मंदिर है, जहां मां महालक्ष्मी की कुमकुम और सोने के कमल पुष्प से 1008 नामों से अर्चना की जाती है। छत्रीबाग स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में रामानुज संप्रदाय द्वारा वर्षों से मां महालक्ष्मी का पूजन किया जा रहा है। रामानुज संप्रदाय को श्रीसंप्रदाय भी कहा जाता है। श्री संप्रदाय का मतलब भगवती पराम्बा मां महालक्ष्मी का संप्रदाय होता है। इसके अनुरूप ही देवस्थान में भगवती श्रीमहालक्ष्मी का सुंदर स्वरूप कई वर्षों से विराजमान है। यहां भक्तों द्वारा महालक्ष्मीजी की कुमकुम से अर्चना की जाती है। अर्चना के बाद मां को अर्पित कुमकुम प्रसाद में देते हैं।
रत्न और सोने से होता है श्रृंगार
दीपोत्सव के 5 दिनों में भक्त सपरिवार माता की कुमकुम से अर्चना की जाती है। आशीर्वाद के रूप में उन्हें मां के चरणों का श्रीशठकोप सिर पर दिया जाता है। पोषक साड़ी श्रृंगार के साथ रत्न जड़ित आभूषणों और सोने की मालाओं से श्रृंगार करते हैं।
यह भी है मान्यता
ऐसा कहा जाता है कि, ख्यात संत डोंगरे महाराज एक बार आचार्य रामानुजाचार्य स्वामी, केशवचार्य महाराज के दर्शन के लिए आए थे। उन्होंने जैसे ही भगवती श्रीमहालक्ष्मी के दर्शन किए, उन्हें साक्षात अनुभूति हुई और वो घंटों समाधि में चले गए। दीपावली पर नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामी विष्णु प्रपन्नाचार्य महाराज द्वारा मां लक्ष्मी का पूजन कर कमल पुष्प से अर्चना की जाती है।
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Updated on:
24 Oct 2022 04:23 pm
Published on:
24 Oct 2022 04:23 pm
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