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इंदौर में वोटर लिस्ट में अचानक बढ़ गए 1.57 लाख नाम , फिर 5278 हटे, रिकॉर्ड नहीं मिलने से उठे सवाल

Indore Voter List Controversy: इंदौर की मतदाता सूची में नाम जोड़ने-घटाने के आंकड़ों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगस्त से अक्टूबर के बीच अचानक 1.57 लाख वोटर बढ़ गए।
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इंदौर

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Akash Dewani

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Oct 08, 2026

indore voter list controversy 1 lakh 57 thousand names added record missing

Indore Voter List Controversy: इंदौर की मतदाता सूची में नाम जोड़ने-घटाने के आंकड़ों ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगस्त से अक्टूबर के बीच अचानक 1.57 लाख वोटर बढ़ गए।

Indore Voter List Controversy:इंदौर में मतदाता सूची शुद्धिकरण के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की जा रही है। पहले नाम जोड़ने और घटाने की प्रक्रिया और चुनाव के ऐन पहले तक मतदाता सूची में आए अंतर से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनावी साल 2023 में इंदौर निर्वाचन कार्यालय से वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने वाले 1.63 लाख फॉर्म चोरी हुए। वहीं इस साल अलग-अलग समय में मतदाता सूची में 1.57 लाख नाम जुड़े गए।

इंदौर की 9 विधानसभाओं में जनवरी से अगस्त के बीच दो बार हुई मतदाता सूची अपडेशन के बीच सिर्फ 8,940 वोटर बढ़े। लेकिन अगस्त से अक्टूबर के बीच अचानक वोटरों की संख्या 1 लाख 57 हजार 636 बढ़ गई। अगले एक माह में वोटिंग के ऐन पहले सूची में से 5,278 नाम हटाए गए। ये डेटा भी निर्वाचन कार्यालय नहीं दे रहा है।

जानकारी नहीं देने पर उठ रहे सवाल

सूचना के अधिकार में निर्वाचन कार्यालय जानकारी नहीं दे रहा। अपील भी लंबित है। दस्तावेज साल बताते हैं, जनवरी 2023 में 9 विधानसभा क्षेत्रों में 25 लाख 95 हजार 931 वोटर थे। जबकि उस विशेष पुनर्निरीक्षण (एसआइआर) के बाद अगस्त में संख्या बढ़कर 26 लाख 4,871 हुई। फिर दो माह बाद वोटरों की संख्या 27 लाख 62 हजार 507 हो गई। नवंबर में वोटिंग के ऐन पहले 27 लाख 57 हजार 229 वोटर थे। यानी जनवरी से नवंबर तक 1 लाख 61 हजार 298 वोटर बढ़े।

नाम घटने-बढ़ने का डेटा गायब

चु घटाने-बढ़ाने से जुड़ा रिकॉर्ड नावों के ऐन पहले नाम निर्वाचन कार्यालय के पास नहीं है। बताते हैं, नाम जोड़ने-घटाने को लेकर दस्तावेजों की जगह सिर्फ बीएलओ की स्लिप निर्वाचन कार्यालय के पास है। जबकि मूल दस्तावेज, जिसमें नाम जोड़ने-घटाने के पहले बनाए जाने वाले पंचनामा और मौका रिपोर्ट बीएलओ देते हैं, वह ऑफिस में नहीं है। इसकी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने 4 आवेदन के जरिए मांगी। उन्हें मौखिक तौर पर कहा कि प्रक्रिया गरुड़ ऐप से हुई। कागज नहीं मिलने के बाद दस्तावेजों की मांग को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग में अपीलें हुई, यह भी लंबित हैं। निर्वाचन कार्यालय ने वहां भी जानकारी दी थी कि गरुड़ ऐप से ही नाम जोड़े और घटाए गए है। अभी राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला आना बाकी है।

जनवरी में कराई फॉर्म चोरी की रिपोर्ट…

निर्वाचन कार्यालय ने रावजी बाजार थाने में जो एफआइआर दर्ज कराई थी, उसके मुताबिक इसी साल 28-29 जनवरी की रात कार्यालय के गोदाम से नाम जोड़ने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6 के 1 लाख 63 हजार 500 फॉर्म, नाम काटने वाले फॉर्म-7 के 38,700 व पता बदलने के लिए फॉर्म-8 के 1 लाख फॉर्म चोरी हुए थे। साथ ही 20 बस्तों में रखे विधानसभा-2 के भरे हुए फॉर्म चोरी हुए थे।

अक्टूबर में बढ़े इंदौर-5 में सबसे ज्यादा वोटर

अगस्त से अक्टूबर के बीच सबसे ज्यादा मतदाता इंदौर-5 में बड़े। यहां जनवरी में 3 लाख 87 हजार 314 मतदाता थे। अक्टूबर 2023 तक ये 4 लाख 13,447 हो गए। यानी, यहां 23,519 वोटर बढ़े। यहां चुनाव में हार-जीत का अंतर सिर्फ 15671 वोटों का था। इसी तरह राऊ में 27,869 बोट बढ़े, हालांकि यहां हार-जीत का अंतर इससे ज्यादा 35,489 था। मह में भी बढ़े। 2,281 नाम बढ़े, यहां जीत का अंतर 34 हजार से ज्यादा था। इंदौर-4 में 23,519 वोटर चुनाव के पहले तक बढ़े।