
इंदौर लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा। फोटो- पत्रिका
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है जहां नगर निगम जोन 18 के ऑफिस अधीक्षक को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगेहाथों पकड़ा है।
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के मुताबिक फरियादी संजय सिंगोलिया ने लोकायुक्त ऑफिस में शिकायत की थी कि 2008 से जुलाई 2024 तक शहर के अलग अलग जोन में मस्टर ड्रेनेज कर्मी के रूप में कार्य करता रहा। जुलाई 2025 में अपर आयुक्त के आदेश से उसे कार्य मुक्त कर दिया गया। 13 मई 2025 को उपायुक्त ने आदेश कर उसे फिर से ड्रेनेजकर्मी के रूप में नियुक्त कर दिया। इस पर वह ऑफिस अधीक्षक संजय वैध से जाकर मिला तो उन्होंने उससे 20 हजार रूपये रिश्वत की मांग नियुक्ति पत्र देने के एवज में की। बाद में सौदा 15 हजार में तय हुआ और उसी दिन 5 हजार रूपये ऑफिस अधीक्षक ने ले लिए।
5 हजार रूपये की रिश्वत देने के बाद आवेदक ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच की गई और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को फरियादी संजय सिंगोलिया को 7 हजार रूपये लेकर कार्यालय अधीक्षक संजय वैध के पास भेजा। संजय वैध ने रिश्वत देने के लिए उसे वर्ल्ड कप चौराहे के पास बुलाया था। जहां पहले से मौजूद लोकायुक्त की टीम ने 7 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रिश्वतखोर संजय वैध को रंगेहाथों पकड़ा है।
Updated on:
21 May 2025 04:10 pm
Published on:
21 May 2025 04:10 pm
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