
खुशखबरी : प्लाज्मा थेरेपी से शुरु हुआ कोरोना का इलाज, दो डॉक्टरों ने ही किया सबसे पहले दान
इंदौर/ मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर किसी रिकॉर्ड को अपने नाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ता। जहां इस शहर ने स्वच्छता समेत कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रखे हैं, वहीं कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या को लेकर प्रदेश स्तर पर रिकॉर्ड आंकड़े इस शहर के पास है। इस रिकॉर्ड के बाद अब इंदौर ही प्रदेश का ऐसा पहला शहर है, जहां कोरोना के मरीज़ों का प्लाज्मा थेरेपी की मदद से इलाज शुरू हो गया है। कोरोना के हॉटस्पॉट बने इंदौर के अरविंदो हॉस्पिटल में प्लाज्मा थेरेपी से मरीजों का इलाज शुरू किया है। शहर के दो मुस्लिम युवा डॉक्टरों ने सबसे पहले अपना प्लाज्मा कोरोना ग्रस्त दो मरीजों को दान किया है। उम्मीद है कि, इस थेरेपी की मदद से बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
इन मरीजों को दी जाएगी थेरेपी
प्लाजमा थेरेपी उन मरीजों को दी जाएगी, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। क्योंकि ऐसे कई मरीज है, जिनका लंबे समय से इलाज चलने के बावजूद हालत में किसी तरह का सुधार नहीं आ रहा है। इसका कारण है उनकी कमजोर रोग प्रति रोधक क्षमता। इनमें खासकर बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। इस पद्दति से उन मरीजों का इलाज किया जाएगा, जिन्हें लगातार इलाज दिये जाने के बावजूद उनके बचने की उम्मीद कम है।अब तक जो भी मरीज इस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उनके शरीर में अब ऐसी एंटी बॉडीज बन गई हैं, जिनकी मदद से उनका शरीर इस संक्रमण से लड़ने में सफल हो गया है। ऐसे में स्वस्थ हो चुके मरीज़ अपना प्लाज्मा अधिक संक्रमित मरीज को देगा, तो उसके शरीर में भी वो एंटी बॉजीज पहुंचकर संक्रमण से लड़ने लगेंगी। अब तक इस थेरेपी के चीन में काफी सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
शहर के मुस्लिम डॉक्टरों ने दान किया सबसे पहला प्लाजमा
इंदौर शहर के दो कोरोना संक्रमित डॉक्टरों ने पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के नियमानुसार 14 दिन बाद अरविंदो हॉस्पिटल में ब्लड प्लाज़्मा डोनेट किया. डॉ. इज़हार मोहम्मद मुंशी और डॉ. इक़बाल कुरैशी ने कोरोना से मुकाबले के लिए 500-500ml ब्लड प्लाज़्मा लगभग मौत के मूंह में जा चुके दो कोरोना संक्रमित मरीजों को दान किया है। फिलहाल, ये थेरेपी इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से ही शुुरू की गई है। बेहतर परिणाम सामने आने के बाद इसे अन्य अस्पतालों में भी शुरु किया जाएगा।
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डॉक्टरों ने पेश की मानवता की मिसाल
अरबिंदो अस्पताल के चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी के मुताबिक, उन्हें इस बात की उम्मीद है कि स्वस्थ हुए और भी मरीज़ प्लाज़्मा डोनेट कर मानवता का काम कर रहे हैं। सेंट पॉल स्कूल के पूर्व छात्र मुकेश कोठारी ने बताया कि डॉ. मुंशी ने कोरोना इलाज़ के लिये प्लाज़्मा देकर इंदौर में मिसाल पेश की है। ये प्लाज़्मा कोरोना के गंभीर मरीज़ों के लिये अमृत के समान काम करेगा।
5 दिन में सामने आएंगे नतीजे
कोरोना पाजिटिव मरीजों को स्वस्थ करने के लिए इस पद्धति को सबसे पहले चीन में अपनाया गया था, जिसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसके बाद देश में सबसे पहले दिल्ली में भी इससे गंभीर मरीज स्वस्थ हुए। अब मध्य प्रदेश के अरविंदो मेडिकल कॉलेज में रविवार को दो ठीक हो चुके कोरोना पेशेंटस का प्लाजमा दो पेशेंट पर चढ़ाया गया है। अब पांच दिन के अंदर इन मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में परिणाम देखने को मिलेंगे और परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो इस पद्धति को प्रदेशभर में लागू किया जाएगा।
नरोत्तम मिश्रा ने किया ट्वीट
मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट के जरिये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को सूचना देते हुए कहा है कि, मध्य प्रदेश में प्लाज्मा थेरेपी शुरू कर दी गई है।उम्मीद है कि, आने वाले दिनों में कोरोना से निपटने में कारगर साबित होगी। इसके साथ ही इंदौर के बाद अब भोपाल भी कतार में है। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज और चिरायु अस्पताल ने प्लाज्मा थेरेपी की इजाज़त ICMR से मांगी जा चुकी है, बस अब जवाब का इंतेजार है, स्वीकृति मिलते ही इन अस्पतालों में भी इस पद्दति से उपचार शुरु किया जाएगा।
Updated on:
27 Apr 2020 06:47 am
Published on:
27 Apr 2020 06:47 am
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