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किसानों के लिए खुशखबरी : गेहूं की ऐसी किस्म बनकर तैयार जो भीषण गर्मी में भी समय पर होगी तैयार, मुनाफा डबल

इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और सागर के अनुसंधान केंद्रों पर तीन साल तक चले शोध के बाद गेहूं की इस नई किस्म 1634 और 1636 आम किसानों को मुहैय्या कराने की तैयारी कर ली गई है।
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इंदौर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 15 Jun 2022, 11:35 AM IST

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किसानों के लिए खुशखबरी : गेहूं की ऐसी किस्म बनकर तैयार जो भीषण गर्मी में भी समय पर होगी तैयार, मुनाफा डबल

इंदौर. मौसम में लगातार आ रहे बदलाव और तेजी से बढ़ रहे तापमान को देखते हुए मध्य प्रदेश में एक ऐसे नए किस्म का गेहूं का बीज तैयार किया गया है, जो अधिक से अधिक तापमान के भीतर भी अपने तय समय पर ही पककर तैयार होगा। इससे किसानों के सामने लगातार घट रही पैदावार की झंझट खत्म हो जाएगा। मध्य प्रदेश के इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और सागर के अनुसंधान केंद्रों पर तीन साल तक चले शोध के बाद गेहूं की इस नई किस्म 1634 और 1636 आम किसानों को मुहैय्या कराने की तैयारी कर ली गई है। बता दें कि, रबी के सीजन में इसका सर्टिफाइड बीज किसानों के लिए बाजार में उपलब्ध होगा।

इन दो प्रकार की किस्मों का गेहूं अधिक से अधिक तापमान में भी अपने सुनिश्चित समय में ही पकेगा। इससे जो मौजूदा समय में पैदावार में करीब 30 फीसदी तक की कमी आई हैं, उसे सामान्य से भी अधिक किया जा सकेगा। दरअसल, पुरानी किस्म का गेहूं फरवरी और मार्च में तापमान ज्यादा होने पर समय से पहले पक जाता है। जांच में सामने आया है कि, अच्छी जमीन और बढ़िया खाध और मेहनत के बावजूद किसानों की पैदावार में करीब 30 फीसदी तक गिरावट आने लगी थी। यही वजह है कि, पैदावार बढ़ाने के लिए नई किस्म का बीज तैयार किया गया है।

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शोध में हुआ खुलासा

पहले साल इंदौर में और अगले दो साल इंदौर समेत नर्मदापुरम, जबलपुर और सागर के अनुसंधान केंद्रों पर भी प्लाॅट डाल कर इस खास बीज पर शौध किया गया। शौध में सभी अनुसंधान केंद्रो में ये सामने आया कि, अधिक तापमान में भी ये गेहूं समय से पहले नहीं पक रहा। वहीं, पुरानी किस्मों में जो औसत पैदावार 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से घटकर 55 क्विंटल पर आ गई थी। वो इस नई किस्म में 65 क्विंटल से भी अधिक जा रही है। 1634 की फसल 110 और 1636 की 115 दिन यानी अपने तय समय में तैयार हो रही है। वहीं, अगर तापमान ज्यादा ना हो तो पैदावार 70 क्विंटल तक के पार जा रही है।


फसल पर गर्मी का कोई असर नहीं और स्वाद भी बेहतर

अनुसंधान केंद्र पर प्लॉट के अलावा कुछ किसानों के खेतों पर भी सैंपलिंग की गई। ऐसे देवास जिले के किसान याेगेंद्र सिंह पवार का कहना है कि, हमने दो नई समेत चार किस्माें के गेहूं लगाए थे। दाेनाें नई किस्माें पर तेज गर्मी का असर नहीं पड़ा। पैदावार 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हुई है।

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