ये फैसला केंद्र सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह (GoM) ने एक बैठक में लिया है। इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली और सिविल एविएशन मंत्री सुरेश प्रभु भी शामिल थे। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सरकार कंपनी के घाटे को कम करने के लिए एआईएटीएसएल को बेचने जा रही है। साथ ही एआईएटीएसएल बिक्री से जो रकम मिलेगी, उसका उपयोग एयर इंडिया के कर्ज का भुगतान करने में किया जाएगा।