IPL 2021 बीच में ही स्थगित होने से BCCI को हो सकता है 2000 करोड़ रुपए से भी अधिक का नुकसान

यह टूर्नामेंट स्थगित होने से बीसीसीआई को प्रसारण और प्रायोजक राशि में 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो सकता है।

By: Mahendra Yadav

Updated: 06 May 2021, 03:00 PM IST

आईपीएल में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मंगलवार को IPL 2021 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। यह टूर्नामेंट स्थगित होने से बीसीसीआई को प्रसारण और प्रायोजक राशि में 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो सकता है। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में बताया कि टूर्नामेंट के स्थगित होने से बोर्ड को कितना और कैसे नुकसान हो सकता है। बता दें कि आईपीएल के लिए बनाए गए बायो बबल में कोरोना के कई मामले आने के बाद आईपीएल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

2000 से 2500 करोड़ का नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि आईपीएल 2021 को बीच में स्थगित करने से बोर्ड को करीब 2000 से 2500 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। इसमें बीसीसीआई को सबसे ज्यादा नुकसान स्टार स्पोर्ट्स से टूर्नामेंट के प्रसारण अधिकार से मिलने वाली राशि का होगा। बता दें कि टर्नामेंट 52 दिन चलने वाला था और इसमें 60 मैच होने थे लेकिन सिर्फ 24 दिन ही टूर्नामेंट खेला गया। इस दौरान 29 मैच खेले गए।

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प्रसारण राशि में ज्यादा नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार,बीसीसीआई का सबसे ज्यादा नुकसान प्रसारण राशि से होगा। रिपोर्ट के अनुसार, स्टार स्पोर्ट्स का बोर्ड से पांच साल का अनुबंध 16 हजार 347 करोड़ रुपए का है। प्रति वर्ष के हिसाब से यह तीन हजार 269 करोड़ से कुछ अधिक होता है। ऐसे में अगर आईपीएल के सीजन में 60 मैच होते हैं, तो हर मैच की राशि लगभग 54 करोड़ 50 लाख रुपए होती है। ऐसे में बोर्ड को 29 मैचों की राशि का लगभग 1580 करोड़ रुपए मिलेगा। बाकी बचे हुए मुकाबलों से बोर्ड को 1690 करोड़ का नुकसान होगा।

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प्रायोजक राशि का नुकसान
इस तरह से बोर्ड को प्रायोजक राशि में भी नुकसान हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल निर्माता कंपनी VIVO टूर्नामेंट की टाइटल प्रायोजक है। वह बोर्ड को प्रायोजक राशि के रूप में प्रति सत्र 440 करोड़ रुपए का भुगतान करती है। टूर्नामेंट के बीच में ही स्थगित होने के कारण बीसीसीआई को आधी से कम राशि मिलने की उम्मीद है।इसी तरह से अनअकेडमी, ड्रीम11, सीरेड, अपस्टॉक्स और टाटा मोटर्स जैसी सहायक प्रायोजक कंपनियां बोर्ड को प्रति सत्र लगभग 120 करोड़ रुपये के आसपास भुगतान करती हैं।

सभी भुगतानों का आधा
बीसीसीआई अधिकारी ने बताया कि इन सभी भुगतानों को आधा या इससे कुछ कम कर दिया जाए और बोर्ड को लगभग 2200 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। साथ ही उनका कहना है कि असल में नुकसान तो इससे भी कहीं अधिक हो सकता है, लेकिन यह सत्र का अनुमानित नुकसान है। साथ ही आईपीएल फ्रेंचाइजियों को मिलने वाली राशि केंद्रीय राजस्व पूल (BCCI जो पैसा 8 फ्रेंचाइजियों को बांटता है) की राशि भी लगभग आधी हो जाएगी। हालांकि अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं बताया कि प्रत्येक फ्रेंचाइजी को कितना नुकसान होगा। बताया जा रहा है कि खिलाड़ियों को अनुपात की जगह समय के हिसाब से राशि का भुगतान किया जाएगा।

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