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90 साल की महिला से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को निचली अदालत ने कर दिया था बरी, अब हाईकोर्ट ने लिया एक्शन

हाईकोर्ट के जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस द्वारकाधीश बंसल की डिवीजन बैंच ने दमोह जिला अदालत से दोषमुक्त आरोपी के खिलाफ दायर अपील सुनवाई के लिए मंजूर कर ली है।
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जबलपुर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 28 May 2022, 4:34 PM IST

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90 साल की महिला से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को निचली अदालत ने कर दिया था बरी, अब हाईकोर्ट ने लिया एक्शन

जबलपुर. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 90 साल की एक बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ वॉरंट जारी करते हुए तुरंत सरेंडर का आदेश दिया है।बताया जा रहा है कि, जिस आरोपी को हाईकोर्ट की ओर से सजा सुनाई गई है, उसे निचली अदालत ने दोषमुक्त करते हुए रिहा कर दिया था।


मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस द्वारकाधीश बंसल की डिवीजन बैंच ने दमोह जिला अदालत से दोषमुक्त आरोपी के खिलाफ दायर अपील सुनवाई के लिए मंजूर कर ली है। युवक पर 90 वर्षीय वृद्धा की दुष्कर्म के बाद हत्या करने का आरोप है।

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निचली अदालत ने किया था दोषमुक्त

यहां बता दे कि डिवीजन बैंच ने आरोपी युवक के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया है। शासकीय अधिवक्ता प्रमोद ठाकरे का कोर्ट से कहना है कि, साल 2018 में दमोह जिले के बरपति ग्राम के रहने वाले युवक अजय उर्फ अज्जू यादव ने 90 वर्षीय वृद्धा के साथ पहले दुष्कर्म किया और फिर इसके बाद उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, वृद्धा के शरीर पर 7 गंभीर चोटें पाई गई थीं। दमोह जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को गवाहों के अभाव में दोषमुक्त करार देकर बरि कर दिया था।

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डीएनए रिपोर्ट की अनदेखी

मध्य प्रदेश शासन ने दमोह के जिला एवं सत्र न्यायालय के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की। अपील के अनुसार, डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव थी और आरोपी से मेल कर रही थी। इसके बाद भी जिला एवं सत्र न्यायालय ने डीएनए रिपोर्ट पर संज्ञान नहीं लिया और आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। शासकीय अधिवक्ता प्रमोद ठाकरे द्वारा दिए गए तर्क के आधार पर हाईकोर्ट ने अपील सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी। साथ ही, आरोपी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए उसे सरेंडर करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

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