
CG News: आकाश मिश्रा/बस्तर में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की आखिरकार वापसी हो गई है। दो दशक के बाद बीआरओ ने बस्तर में काम शुरू किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीआरओ को बीजापुर जिले की धुर नक्सल प्रभावित इलाके की सड़कों का काम सौंपा है। पहले चरण में बीआरओ ने बीजापुर जिले की सबसे मुश्किल सड़कों का काम शुरू किया है।
ऐसे इलाके जहां पर हर कदम पर आईईडी प्लांट होने का जोखिम है वहां पर बीआरओ काम कर रहा है। बीजापुर जिले में तर्रेम से चिन्नागेलूर, छुटवाही होते हुए कोंडापल्ली और जिड़पल्ली से होते हुए पामेड़ के रास्ते तेलंगाना तक की सड़क का जिम्मा बीआरओ को मिला है। इस सड़क पर बीआरओ की टुकड़ी लगातार काम कर रही है।
सड़क ऐसे रास्तों से होकर गुजर रही है जहां पर अभी सिर्फ पगडंडी है। घने जंगलों के बीच से सड़क गुजर रही है। आज से दो साल पहले तक इस इलाके में दाखिल होना आसान नहीं था, क्योंकि इलाके में नक्सलियों के पामेड़ एरिया कमेटी का वर्चस्व था। अभी यहां सिर्फ पुराने आईईडी का खतरा है, जिससे निपटते हुए बीआरओ की टुकड़ी काम कर रही है।
इस पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय कर रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन लगातार इस सड़क के अलावा आगामी दिनों में जिन सड़कों का काम शुरू होना है उसकी समीक्षा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पीडब्ल्यूडी अफसरों की वे कई दौर की वर्चुअल बैठक ले चुके हैं, ताकि बीआरओ को स्थानीय मदद मिलती रहे। बताया जा रहा है कि बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिले में लगभग ढाई सौ करोड़ की सड़कें बननी हैं जिनका जिम्मा बीआरओ के पास होगा।
सुकमा जिले में नक्सलियों के गढ़ को भेदने के लिए दो प्रमुख सड़क एलमागुड़ा-दुलेड़ होते हुए पूवर्ती व मिनागुंडेम से कोटागुट्टा को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है। दुर्दांत नक्सल कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती तक जाने वाली ये सड़कें एक दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ेगी। इलाके के ग्रामीण अब तक पगडंडी पर ही चलते रहे हैं और कभी पक्की सड़क नहीं देखी है। 51.25 किमी और 13.25 किमी लंबाई वाली दोनों सड़कों का निर्माण नक्सलियों के सबसे मजबूत आधार क्षेत्र में होगा।
इलाके में किसी भी जोखिम से निपटने में बीआरओ को सीआरपीएफ का साथ मिल रहा है। छुटवाही में फोर्स का कैंप स्थापित हो चुका है। इससे आगे ही पामेड़ तक की सड़क बन रही है। पूरे रास्ते में सीआरपीएफ के जवान रोड ओपनिंग करते हुए बीआरओ की मदद कर रहेे और सीआरपीएफ के स्निफर डॉग हर दिन आईईडी ढूंढ रहे हैं। कुछ जगहों पर पुरानी आईईडी मिली भी है।
पीडब्ल्यूडी बस्तर, चीफ इंजीनियर जीआर रावटे: बीजापुर जिले में बीआरओ ने काम शुरू कर दिया है। तर्रेम से आगे पामेड़ के रास्ते तेलंगाना तक की सड़क बन रही है। तीन जिलों का प्रोजेक्ट बन चुका है जिनके लिए चरणबद्ध तरीके से काम करेंगे।
CG News: बीजापुर का छुटवाही इलाका चार दशक तक नक्सलियों के प्रभाव में रहा है। यहां नक्सलियों के इजाजत के बगैर कोई दाखिल नहीं हो पाता था। सरकारी सुविधाएं यहां कभी पहुंच ही नहीं पाईं थी। अब सरकार की नियद नेल्लानार योजना की वजह से यहां पर पहली बार सड़क काम का शुरू हुआ है।
यहां के लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि उनके गांव से होकर तेलंगाना तक की सड़क जाएगी, लेकिन ऐसा अब मुमकिन हो पा रहा है। छुटवाही में इसी साल फोर्स का कैंप स्थापित होने के बाद यहां पर बड़े बदलाव दिखने लगे हैं।
Updated on:
23 Dec 2024 11:09 am
Published on:
23 Dec 2024 11:09 am
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