हम वापस घाट से घर पहुंचकर उन लोगों से बोले कि ऐसे दुख के समय भी तुम लोग हमें ताना मार रहे हो यह बताओ हम लोग दशगात्र में आएं कि नहीं इतना बोलते ही मनीराम, केलाराम, पंचूराम दीवान आदि 6-7 लोगों ने मेरी दीदी सुकमी के उपर हमला बोल दिया। बुरी तरह से मारपीट करने लगे। मैंने 112 को फोन लगाया तो मेरा फोन छीनकर मेरा बाल खींचकर मुझे भी बुरी तरह से मारा। 112 की पुलिस टीम आई उन्होंने भी कोई विशेष सहयोग नहीं किया। हमने भानपुरी थाने में आवेदन दिया कि मारपीट में सात लोग शामिल थे तो पुलिस वालों ने दो-तीन लोगों का ही नाम एफआईआर में लिखा है।