होलिका में तेन्दू, पलाश, साल, खैर, धवड़ा, हल्दू और बेर सहित सात प्रकार की सूखी टहनियों का दहन होता है। माड़पाल के सरपंच महादेव बाकड़े और पुजारी लखन ने बताया कि इन लकडिय़ों के दहन करने से उत्पन्न धुआं कई नुकसानदायक कीट को खत्म कर देता है, होलिका की राख कीट नाशक की तरह उपयोगी होती है।