
जयपुर। राजस्थान के कई प्रमुख बांध अब लबालब हो गए हैं। इन बांधों के गेट भी खोल दिए हैं। बीसलपुर, माही, कोटा बैराज के गेट खुले हुए हैं। वहीं पश्चिम राजस्थान का सबसे बड़ा जवाई बांध या उदयपुर संभाग के सबसे ऊंचाई वाला जाखम बांध अब छलकने की तैयारी में हैं। हालांकि जाखम बांध के छलकने की उम्मीद पहले नजर आ रही है। जाखम डेम अब बस दो मीटर ही खाली रह गया है।
जाखम बांध: अब तक जाखम पर चली है 21 बार चादर
जाखम बांध की भराव क्षमता 31 मीटर है और वर्तमान में 29 मीटर तक पानी आ चुका है। ऐसे में बांध अब केवल दो मीटर ही खाली रहा है। बांध के गेट नहीं हैं। यहां बांध लबालब होने पर चादर चलती है। बारिश का मौसम अभी बना हुआ है। क्षेत्र में भी अच्छी बारिश हो रही है। उम्मीद है कि इस मानसून में ही जाखम भी छलक उठेगा।
जाखम बांध में किसी प्रकार का कोई गेट है। गेट के अभाव में बांध का पानी रपट के जरिए क्षेत्र से होकर गुजरात के कडाना बांध होते हुए समुद्र में जाकर मिलता है। हालाकि बांध पर गेट और पानी के भंडारण को लेकर पूर्व में कही बार मांग भी उठाई गई। बांध निर्माण के लेकर अब तक जाखम में 21 बार चादर चली है।
जवाई बांध : क्या दसवीं बार खुलेंगे जवाई के गेट
जवाई बांध में लगातार पानी आ रहा है। मंगलवार दोपहर तक बांध में अब तक 43.70 फीट पानी आ चुका है। बांध की भराव क्षमता 61.25 फीट है।
बांध का निर्माण 1956 में पूर्ण हो गया था। बांध में 13 गेट हैं। बांध अपने निर्माण से लेकर अब तक नौ बार लबालब हो चुका है। पिछले साल ही बांध के गेट खोले गए थे। बांध भरने से पाली, जालोर व सिरोही जिले में पेयजल की किल्लत नहीं रहती है।अभी मानसून सक्रिय है। बांध के भरने की उम्मीदों से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
Updated on:
10 Sept 2024 12:34 pm
Published on:
10 Sept 2024 12:34 pm
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