
जयपुर। महिला कर्मचारियों के लिए दिया जाने वाले चाइल्ड केयर लीव अनेक कार्यालयों में परेशानी का कारण बन गया है। इसको देखते हुए वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक साथ एक कार्यालय में 20 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव मंजूर नहीं किया जाए और संख्या अधिक होने पर आवश्यकता ध्यान में रखते हुए अवकाश की प्राथमिकता तय की जाए। वित्त विभाग ने सेवा नियमों का हवाला देकर स्पष्ट किया है कि एक साथ अधिकतम 120 उपार्जित अवकाश ही स्वीकृत किया जा सकता है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में 300 दिन तक का उपार्जित अवकाश दिया जा सकता है। कुल 720 दिन का अवकाश लिया जा सकता है।
साथ ही, प्रशासनिक विभागों को छूट दी है कि वे अधीनस्थ कार्यालयों की संरचना व कार्यों को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड केयर लीव के लिए सालाना अधिकतम सीमा तय कर सकते हैं। यह भी कहा है कि महिला कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव के साथ अन्य कोई अवकाश भी लेना चाहे और उससे संख्या 120 दिन से अधिक हो रही है तो दूसरे अवकाश पर विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर निर्णय करे।
अवकाश के लिए प्राथमिकता
बच्चे को गंभीर बीमारी या विकलांगता हो, बच्चे की सैकण्डरी या सीनियर सैकण्डरी की परीक्षा हो, अन्य शिक्षण कार्य के लिए अवकाश की आवश्यकता हो या बच्चे की आयु तीन साल से कम हो। इन बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड केयर लीव के लिए प्राथमिकता तय करने को कहा गया है।
इन परिस्थितियों में 300 दिन अवकाश
मान्यता प्राप्त अस्पताल में टीबी, कैंसर, कोढ़ अथवा मानसिक रोग के इलाज के लिए एक साथ 300 दिन तक का चाइल्ड केयर लीव दिया जा सकता है।
करोड़ों खर्च, 15 लाख अभ्यर्थी, फिर भी कांस्टेबल के पद रहेंगे खाली
युवाओं को रोजगार देने की सरकार की घोषणा को पुलिस विभाग के कारण चुनावी साल में धक्का लग सकता है। कांस्टेबल के करीब 13200 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में 15 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने के बाद भी पद खाली रहेंगे। कक्षा दस की न्यूनतम योग्यता वाले पद के लिए ऐसा पेपर तैयार किया कि अनुमान से कहीं अधिक अभ्यर्थी फेल हो गए। राज्य स्तर पर परीक्षा होने के बाद इन दिनों जिला स्तर पर शारीरिक दक्षता परीक्षा हो रही है। जैसे-जैसे दक्षता परीक्षा के परिणाम सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि कई पद खाली रह जाएंगे। सर्वाधिक खाली पद आरएसी और टीएसपी एरिया के लिए आरक्षित कोटे के रहेंगे।
Published on:
11 Sept 2018 11:10 am
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