
Importance of Ravi Yoga , Surya Puja Vidhi
जयपुर. 31 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 4 मिनट से रवि योग प्रारंभ होगा। यह बहुत लाभदायक योग है और इस योग में शुरू किए जानेवाले सभी कार्य जरूर पूरे होते हैं। ऐसा माना जाता है कि अकेला रवि योग अनेक अशुभ योगों को दूर कर देता है। नवग्रहों के राजा सूर्य का अभीष्ट प्राप्त होने के कारण रवि योग प्रभावशाली माना जाता है। रवि योग में कर्ज के बोझ से निकलने की कोशिश और जटिल आपरेशन आदि कार्यों में पूरी तरह से सफलता प्राप्त होती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस दिन सूर्य की पूजा की जाती है। गाय को गेहूं खिलाने का भी विधान है। इससे सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं और उनके आशीर्वाद से मन की कामना पूरी होने के साथ ही कई परेशानियों से भी मुक्ति मिलती है। रवि योग के दौरान किए गए प्रयास कभी पूरी तरह असफल नहीं होते।
रवि योग दरअसल भगवान सूर्य देव की कृपा पाने का श्रेष्ठ मौका है। पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार रवि योग के दिन सुबह जल्दी उठ कर नहा धोकर सूर्य को अर्घ्य दें। सूर्य देवता की विधि विधान से पूजा करें। सूर्य देव के मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप करें या आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। गाय को भीगा हुआ गेहूं खिलाने से भी खासा लाभ होता है।
Updated on:
31 Aug 2020 07:29 am
Published on:
31 Aug 2020 07:29 am
