
जयपुर में मानसून की बारिश से बिछी हरियाली की चादर, फोटो एएनआइ
राजस्थान में इस साल तय वक्त से पहले पहुंचे दक्षिण पश्चिमी मानसून ने प्रदेश के कई शहरों को तर कर दिया है। बीते 23 दिनों से प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है जिसके चलते प्रदेश के कई छोटे बड़े बांधों और तालाबों में पानी की बंपर आवक अब तक हो चुकी है। मौसम विभाग ने भी अगले दो तीन दिन में प्रदेश में एक नया परिसंचरण तंत्र सक्रिय होने से पश्चिमी राजस्थान के कुछ शहरों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई है।
दक्षिण पश्चिमी मानसून ने एंट्री लेने के साथ ही प्रदेश के 33 जिलों को जमकर तर कर दिया। इन जिलों में अब तक औसत से 60 फीसदी तक ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। हालांकि 5 जिलों में सामान्य से अधिक और तीन जिलों में बारिश का ग्राफ सामान्य से 19 फीसदी तक कम रहा है।
राजस्थान में बीते दिनों तक हुई भारी बारिश के बावजूद प्रदेश के छोटे बड़े 692 बांधों में से 220 बांध अब भी रीते हैं। जल संसाधन विभाग की सूचना के अनुसार 4.25 एमक्यूएम क्षमता से अधिक वाले 285 और 4.25 एमक्यूएम से कम क्षमता वाले 161 बांध शामिी हैं। इसके अलावा 404 बांधों में अब तक पानी की आंशिक आवक ही दर्ज हुई है। वहीं कुल 68 बांध मानसून की बारिश के पहले दौर में ही ओवरफ्लो हो गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पूर्वी भागों में 12 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। कोटा और भरतपुर जिले के कई इलाकों में 11 जुलाई को और जयपुर समेत भरतपुर, अजमेर और उदयपुर जिले के कई भागों में 12 और 13 जुलाई को कहीं कही भारी व अतिभारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर जिले और आसपास के इलाकों में आगामी 3-4 दिन मानसून सुस्त रहने पर मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि बीकानेर और आसपास के भागों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। आगामी 12 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून सक्रिय होने पर बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के आसार हैं।
Updated on:
10 Jul 2025 12:38 pm
Published on:
10 Jul 2025 12:38 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
