
काली पट्टी बांधकर काम करेंगे डॉक्टर (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में करंट लगने से डॉ. रवि शर्मा की मौत के बाद अब प्रदेश भर में चिकित्सकों का आक्रोश फूट पड़ा है। चिकित्सकों की संस्था अरिस्दा ने चार मांगों को लेकर सोमवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।
अरिस्दा अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि डॉ. रवि शर्मा की मौत केवल हादसा नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की जर्जर व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। यह हाल सिर्फ उदयपुर का नहीं, पूरे प्रदेश के राजकीय कॉलेजों में हॉस्टल की स्थिति चिंताजनक हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन की शुरुआत सोमवार को काली पट्टी बांधकर काम करने से होगी। मंगलवार को सभी जिलों में कलेक्टर और एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में केस दर्ज कर निलंबन हो, मृतक के परिजन को मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले, जिला प्रशासन की निगरानी में उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर हॉस्टलों की स्थिति में तत्काल सुधार हो। इन मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के दिलशाद हॉस्टल में बुधवार रात हुई डॉक्टर रवि शर्मा की मौत के मामले में चौथे दिन समझाइश के बाद परिजनों ने शव उठाया। वे 100 घंटे बाद रविवार देर रात शव पैतृक गांव मकराना (नागौर) ले गए। इस दौरान सभी रेजिडेंट्स ने नम आंखों से सीनियर को अंतिम विदाई दी। इससे पहले रेजिडेंट की रविवार को भी हड़ताल जारी रही। दिन में सभी रेजिडेंट ने मांगों को लेकर पुतलों के साथ प्रदर्शन किया। इधर, हड़ताल को प्रदेशभर के रेजिडेंट्स ने समर्थन दिया है। सोमवार को प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में सुबह सात से 10 बजे तक काम का बहिष्कार करेंगे।
गौरतलब है कि चार दिन पहले हॉस्टल में डॉ. रवि की मौत हो गई थी। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम होने के बावजूद रेजिडेंट की मांग पर शनिवार को मृतक का जयपुर एसएमएस की टीम ने दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी तरह का खुलासा नहीं हुआ। लेकिन चिकित्सकों ने मृतक की करंट से मौत की बात से इनकार नहीं किया। उन्होंने रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं लिखा, लेकिन संभावना जताई है।
उदयपुर रेजिडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपेन्द्र सेवदा ने बताया कि प्रदेश स्तर के समस्त रेजिडेंट एसोसिएशन से वार्ता और परिजनों से जिला प्रशासन की बातचीत के बाद रविवार देर रात डॉ. रवि का शव उठा लिया। शव को ले जाने के दौरान रेजिडेंट्स ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। कहा कि जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने तक हड़ताल जारी रखेंगे। बताया कि सोमवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजन वापस उदयपुर आएंगे और विरोध में शामिल होंगे। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उदयपुर से भी कई रेजिडेंट रवाना हुए। इससे पहले दिन में सभी रेजिडेंट ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली थी।
डॉ. रवि का शव मुर्दाघर से बाहर लाया गया तो रेजिडेंट चिकित्सकों की आंखें नम हो गई। उन्होंने पुष्प वर्षा करने के साथ ही अर्थी को कंधा दिया। एम्बुलेंस में शव रखने के बाद अस्पताल के गेट तक अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इधर, अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी की मौजूदगी नहीं होने से हैरानी हुई।
मृतक डॉ. रवि के परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया और हाथीपोल थाने में रिपोर्ट दी। परिजनों ने करंट से डॉ. रवि की मौत होने की बात लिखी। गौरतलब है रेजिडेंट इस घटना को लेकर पहले से ही प्रिसिंपल, वाइस प्रिसिंपल, चीफ वार्डन, वार्डन, का इस्तीफा मांग रहे थे।
डॉ. रवि की मौत की घटना को लेकर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने भी अफसोस जताया। संगठन ने परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की, लेकिन रेजिडेंट की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को अनुचित बताया। एसासिएशन जिलाध्यक्ष पवन कुमार दानाध्यक्ष ने कहा कि घटना होना दुखद है, लेकिन इसमें अस्पताल प्रशासनिक अधिकारियों का दोष नहीं। अगर उनके विरुद्ध कार्रवाई होती है तो संगठन विरोध करेगा।
परिजनों से समझाइश कर शव सुपुर्द कर दिया है। परिजन शव लेकर गांव के लिए रवाना हो गए। हड़ताल के संबंध में रेजिडेंट्स से बातचीत करेंगे। अगर वे कुछ लिखकर देंगे तो जांच के लिए शासन स्तर पर कमेटी बनाने के लिए भी सरकार को लिखेंगे।
-नमित मेहता, जिला कलेक्टर, उदयपुर
Updated on:
23 Jun 2025, 7:25 AM IST
Published on:
23 Jun 2025, 7:25 AM IST
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