
JDA Solar Project
Dravyavati River: जयपुर। द्रव्यवती नदी के किनारे बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और गार्डन अब सिर्फ शहर की सफाई और हरियाली से नहीं,बल्कि बिजली बचत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जयपुर विकास प्राधिकरण ने द्रव्यवती नदी पर स्थित 6 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और 2 गार्डन की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना तैयार की है। कुल 5 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना से JDA को हर साल करीब 6.12 करोड़ रुपए की बिजली बचत होने का अनुमान है।
परियोजना को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके तहत द्रव्यवती नदी से जुड़े बड़े बिजली उपभोक्ता परिसरों की छतों का इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाएगा। JDA यह काम Rajasthan Renewable Energy Corporation Limited (RRECL) के माध्यम से करा रहा है। परियोजना से रोजाना औसतन 20 हजार यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। यह आंकड़ा महीने में करीब 6 लाख यूनिट और सालाना लगभग 72 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है।
बिजली की औसत दर 8.50 रुपए प्रति यूनिट मानने पर 72 लाख यूनिट वार्षिक उत्पादन से करीब 6.12 करोड़ रुपए की बिजली बचत का अनुमान है। 11 वर्षों की भुगतान अवधि में सकल बचत करीब 67.32 करोड़ रुपए रहने की संभावना है।
RRECL को 11 वर्षों तक 536.12 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से भुगतान किया जाएगा। इस अवधि में RRECL को करीब 35.38 करोड़ रुपए भुगतान का अनुमान है। इसके बाद अनुमानित शुद्ध आर्थिक लाभ करीब 31.94 करोड़ रुपये रहेगा।
परियोजना का संचालन और रखरखाव अनुबंध के अनुसार 25 वर्षों तक जारी रहेगा। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से हर साल करीब 5,227 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। 25 वर्षों में यह कमी करीब 1.31 लाख टन तक पहुंच सकती है।
परियोजना की एक खास बात यह भी है कि 11 वर्ष की भुगतान अवधि समाप्त होने के बाद भी सौर संयंत्रों का संचालन और रखरखाव 25 वर्षों तक जारी रहेगा। यानी JDA को लंबे समय तक सौर ऊर्जा उत्पादन और बिजली बचत का लाभ मिलने की उम्मीद है।
JDA के अनुसार परियोजना से द्रव्यवती नदी से जुड़े STP और गार्डन की बिजली जरूरत का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और लंबे समय में प्राधिकरण के विद्युत खर्च में कमी आएगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी के कारण यह पहल जयपुर में ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Updated on:
27 Sept 2026 11:24 am
Published on:
27 Sept 2026 11:24 am
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