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महापौर के वार्ड में जेडीए का घटिया निर्माण!

फुटपाथ पर इंटरलॉकिंग टाइल्स के नीचे बजरी की बजाय बिछा रहे स्टोन डस्ट
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जयपुर

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Mohan Murari

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Updated: 24 Apr 2018, 11:02 AM IST

Jaipur JDA Work

डेढ़ करोड़ की लागत से जेडीए गलियों में फुटपाथ पर लगा रहा है टाइल्स

जयपुर। राजधानी जयपुर के वीआइपी वार्ड में जयपुर विकास प्राधिकरण घटिया गुणवत्ता का निर्माण कार्य करवा रहा है। मामला जेडीए के जोन—5 और नगर निगम के वार्ड—43 का है जहां से महापौर अशोक लाहोटी पार्षद हैं।

डेढ़ करोड़ का है प्रोजेक्ट
जानकारी के अनुसार जयपुर विकास प्राधिकरण डेढ़ करोड़ की लागत से वार्ड—43 के त्रिवेणी नगर में फुटपाथ पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवा रहा है। ठेकेदार फर्म इंटरलॉकिंग टाइल्स के नीचे बजरी की बजाय डस्ट बिछा रही है। निर्माण से जुड़े जानकारों की मानें तो इंटरनलॉकिंग टाइल्स के नीचे बिछाई जा रही डस्ट बरसाती पानी के साथ बह जाएगी। इससे फुटपाथ पर लगी टाइल्स के उखड़ने का भी खतरा बना रहेगा। जेडीए थोथी जमीन पर ही टाइल्स लगा रहा है, जो थोड़ा सा वजन आते ही अंदर धंस जाएंगी।

गलियों का होगा सौंदर्यीकरण
जानकारी के मुताबिक जेडीए ने जोन—5 की सड़कों और गलियों के फुटपाथ पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाने के लिए डेढ़ करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया है। जोन—5 का ज्यादातर हिस्सा महापौर अशोक लाहोटी के वार्ड—43 में आता है। जेडीए जोन—5 की सड़कों और गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर सौंदर्यीकरण करवा रहा है।

गुणवत्ता पर उठ चुके हैं सवाल
ये कोई पहला मौका नहीं है, जब जेडीए के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। जेडीए की बनाई सड़कों के गुणवत्ता सैम्पल फेल हो चुके हैं। उस मामले में जेडीए इंजीनियर्स को कैसे बचाया गया, ये भी सबके सामने आ गया। अब इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के डेढ़ करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट में बजरी की जगह स्टोन डस्ट का उपयोग कर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।

वर्जन
बजरी की उपलब्धता है नहीं, ऐसे में बजरी जैसा ही स्टोन डस्ट काम में लिया जा रहा है। जो निर्माण सामग्री काम में ली जा रही है, वह तय मानकों के अनुरूप ही है। बजरी नहीं है, इसलिए स्टोन डस्ट काम में ली जा रही है, ताकि काम समय पर पूरा हो सके।
— बृजेश कुमार अवस्थी, अधीक्षण अभियंता, जेडीए