1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Video: राजस्थान के इन ‘हीरों‘ की चमक बिखरी खेल के मैदान पर, विदेशों में भी फहराया तिरंगा

स्पोर्ट्स में राजस्थान की बात की जाए तो यहां से कई ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने देश का सिर गौरव से ऊंचा किया है...
4 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Dinesh Saini

•

Updated: 1 Nov 2017, 3:38 PM IST

Sports

जयपुर। राजस्थान की मिट्टी ने शूरवीर और साहसी राजाओं को ही जन्म नहीं दिया, बल्कि यहां की मिट्टी ने ऐसी प्रतिभाओं को भी जन्म दिया या फिर उन्हें इस काबिल बनाया है कि वे देश का नाम भी रोशन कर सकें। अगर स्पोट्र्स में राजस्थान की बात की जाए तो यहां से कई ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने देश का सिर गौरव से ऊंचा किया है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ खिलाडिय़ों के बारे में...

मिताली राज
भारतीय महिला क्रिकेट की मौजूदा कप्तान मिताली राज टेस्ट क्रिकेट मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली महिला है। जोधपुर में 3 दिसंबर 1982 को मिताली का जन्म हुआ। मिताली पहली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्हें विजडन इंडिया क्रिकेटर अवॉर्ड मिला है। उन्हें 21 साल की उम्र में भारतीय टीम की कमान सौंप दी गई थी। वे लगातार 57 मैचों में टीम की कप्तानी करने वाली दूसरी सबसे सफल खिलाड़ी हैं।

मिताली की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड में 2006 में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती थी। मिताली 5500+ रन बनाने वाली दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। वे 2013 में दुनिया की नंबर वन वनडे क्रिकेटर थीं। 2005 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम उनकी कप्तानी में वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी और उपविजेता रही थी। 2017 में भी मिताली की ही कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी लेकिन इस बार भी टीम को उपविजेता के ताज से ही संतोष करना पड़ा था।

देवेंद्र झाझरिया

10 जून 1981 को राजस्थान के चूरु जिले में एक जाट परिवार देवेंद्र झाझरिया का जन्म हुआ था। झाझरिया एक भारतीय पैरालंपिक खिलाड़ी हैं। आठ साल की उम्र में एक हादसे के दौरान उन्होंने अपने बाएं हाथ गवां दिए। बावजूद इसके उनकी हिम्मत और जुनून के आगे ये कठिनाई भी छोटी साबित हुई और अपने खेल के जरिए देवेंद्र झाझरिया ने देश के साथ-साथ राजस्थान की माटी को एक अलग पहचान दिलाने में सफल रहे। देवेंद्र पैरालंपिक खेलों में दो सवर्ण जीतने वाले देश के पहले पैरालिंपियन हैं। 37 साल के देवेंद्र झाझडिय़ा का जैवलिन थ्रो में वल्र्ड रैंकिंग तीसरा है जबकि इनके नाम कुल 4 ओलंपिक मेडल हो गए हैं जिसमें से दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक कांस्य है। ये भारतीय रेलवे के पूर्व कर्मचारी भी रह चुके हैं।

अभिजीत गुप्ता
अभिजीत गुप्ता का जन्म 16 अक्टूबर 1986 को हुआ 7 वे भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं। वे ग्रैंडमास्टर (जीएम) के खिताब के साथ एक भारतीय शतरंज खिलाड़ी हैं। गुप्ता चार बार कॉमनवेल्थ शतरंज चैंपियन का खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में 20 पदक जीते हैं।

अपूर्वी चंदेला
कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में देश को स्वर्ण दिलाने वाली राजस्थान की अपूर्वी चंदेला ने शूटिंग में प्रदेश का नाम रोशन किया। इस साल हुए ओलम्पिक में भी अपूर्वी देश के लिए निशाना लगाने गयी थीं। अबतक शूटिंग में दिए गए अपने योगदान के लिए अपूर्वी को अर्जुन अवार्ड 2016 से नवाजा गया।

कृष्णा पूनिया
कृष्णा पूनिया एक भारतीय डिस्कस थ्रोअर है। इन्होंने 11 अक्टूबर 2010 में दिल्ली में आयोजित किये राष्ट्रमंडल खेलों में फाइनल मैच में क्लीन स्वीप कर 61.51 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2011 में भारत सरकार ने नागरिक सम्मान में इन्हें पद्मश्री का पुरस्कार से नवाजा था। कृष्णा पूनिया का जन्म 05 मई 1977 को एक जाट परिवार में अग्रोहा, हिसार, हरियाणा में हुआ। पूनिया की शादी 2000 में राजस्थान के चुरू जिले के गागर्वास गांव के रहने वाले वीरेन्द्र सिंह पूनिया से हुई। इनके पति जयपुर में भारतीय रेलवे में कार्यरत है। कृष्णा ने अपनी पढ़ाई साइकोलॉजी में कनोडिया गल्र्स कॉलेज जयपुर से की थी।

राजवर्धन सिंह राठौड़
29 जनवरी 1970 को राजस्थान के जैसलमेर में जन्मे राज्यवर्धन सिंह राठौड़ एक भारतीय निशानेबाज हैं जिन्होंने 2004 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, एथेंस में डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीत देश को गोरान्वित किया। स्वतंत्रता के बाद राठौड़ प्रथम भारतीय हैं जिन्होंने व्यक्ति गत रजत पदक जीता। राठौड़ 16वीं लोकसभा में जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद चुने गये।

गगन खोड़ा
राजस्थान के गगन खोड़ा पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाडी हैं। ये 1998 में दो एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने केन्या और बांग्लादेश के खिलाफ मैच खेले। ख़ास बात ये रही कि मात्र दो मैचों में से एक में उन्हें मैन ऑफ़ द मैच रहने का भी गौरव हासिल हुआ। घरेलु क्रिकेट में ये राजस्थान क्रिकेट टीम और सेंटल जोन की तरफ से खेलते रहे हैं।

विक्रम सोलंकी
विक्रम सोलंकी विश्व क्रिकेट में अपना नाम दर्ज कराने वाले विक्रम सोलंकी का जन्म भारत के राजस्थान के उदयपुर में हुआ। लेकिन 8 साल की उम्र में वो अपने परिवार के साथ इंग्लैंड के वोल्वरहैम्पटन शिफ्ट हो गए। 1 अप्रैल 1976 में उदयपुर में पैदा हुए विक्रम सोलंकी भारतीय मूल के इंग्लिश खिलाड़ी रह चुके हैं। विक्रम सोलंकी ने इंग्लैंड टीम के लिए 51 वनडे खेले हैं जिसमें उन्होनें 27 के औसत से 1097 रन बनाए हैं। इसमें सोलंकी ने 2 शतक और 5 अद्र्धशतक भी शामिल है। वहीं सोलंकी ने 3 टी-20 में भी अपना योदगान दिया है।