
प्रदेशभर के स्कूलों में ड्रेस कोड या बुर्का/हिजाब पहनने के विवाद को लेकर राजस्थान मुस्लिम फोरम के बैनर तले जयपुर स्थित मुस्लिम मुसाफिर खाने में बैठक हुई। इस मौके पर मुस्लिम समाज के कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वाट्सऐप पर एक संदेश फैलाया गया जिसमें एक फरवरी को सुबह दस बजे सुभाष चौक पर एकत्रित होने की बात कही गई। हालांकि संदेश पर किसी संगठन का नाम नहीं लिखा गया। उन्होंने समाजजनों से अपील की कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों पर ध्यान न दें।
मुस्लिम परिषद संस्थान के अध्यक्ष युनुस चौपदार ने कहा कि हिजाब के नाम पर बेवजह माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सभी छात्राएं निर्धारित यूनिफार्म में ही स्कूल जाती हैं और उसके ऊपर हिजाब लगाती हैं। इससे किसी अन्य को कोई मानसिक या शारीरिक कष्ट नहीं होता है तो फिर विवाद क्यों। एक फरवरी को प्रदर्शन को लेकर वायरल मैसेज किसी संगठन या जिम्मेदार व्यक्ति ने जारी नहीं किया है। यह माहौल बिगाड़ने के लिए शरारती तत्वों का काम भी हो सकता है।
सरकारी ड्रेस पहनकर ही आएं स्कूल
अखिल भारतीय सूफी सज्जादनशीन काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी डॉ. हबीब उर रहमान नियाजी ने कहा कि अलग से हिजाब पहनने की स्कूल में कोई जरूरत नहीं है। सरकारी स्कूल में शिक्षा के समय सरकारी ड्रेस ही पहनें। स्कूल ड्रेस को भी हिजाब बनाया जा सकता है। यानी स्कूल ड्रेस के दुपट्टे से भी हिजाब का काम लिया जा सकता है।
Published on:
01 Feb 2024 10:03 am
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