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बेटी नहीं बेचने पर मां से बलात्कार, जाति पंचायतें कैसे दे रही ऐसे फरमान?

लड़कियों की कथित नीलामी और इनकार करने पर जाति पंचायत के फरमान पर मां से बलात्कार की शिकायतों को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ( NHRC ) ने मुख्य सचिव के जरिए राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 28 Oct 2022, 10:29 AM IST

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर. लड़कियों की कथित नीलामी और इनकार करने पर जाति पंचायत के फरमान पर मां से बलात्कार की शिकायतों को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ( NHRC ) ने मुख्य सचिव के जरिए राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही, पुलिस महानिदेशक से ऐसी शिकायतों पर की गई कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट मांगी है। दोनों ही अधिकारियों को 4 सप्ताह का जवाब दिया है।

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आयोग प्रचलित प्रथा और घटनाओं की जानकारी लेने के लिए अपने प्रतिनिधि उमेश कुमार शर्मा को प्रभावित क्षेत्रों में भेजेगा, जो तीन माह में रिपोर्ट देंगे। एनएचआरसी ने स्वत: संज्ञान लेकर यह आदेश दिया है। एनएचआरसी को जानकारी मिली है कि राजस्थान के आधा दर्जन जिलों में 8 से 18 वर्ष तक की लड़कियों का बाकायदा स्टाम्प पेपर पर बेचान कर पैसे की वसूली की जाती है तथा विवाद होने पर जाति पंचायतें उनकी माताओं के साथ बलात्कार का फरमान सुनाती हैं।



इन लड़कियों को उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, मुंबई व दिल्ली ही नहीं, विदेश तक भेजा जा रहा है और गुलाम के रूप में उनका शोषण हो रहा है। आयोग को दो ऐसे मामले ध्यान में आए, जिनमें 6 और 8 लाख में लड़कियां बेची गई। भीलवाडा के एक मामले में 12 साल की बेटी बेचने पर भी कर्ज नहीं चुका तो उसकी सभी पांच बेटियां गुलाम बन गईं, जबकि दूसरे मामले में पीड़ित की बेटी को तीन बार बेचा और वह चार बार गर्भवती हो गई।

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यह जानकारी मांगी है
आयोग ने मुख्य सचिव से ऐसे मामलों में कार्रवाई और घटनाएं रोकने के उपायों को लेकर रिपोर्ट मांगी है, जिसमें यह बताने को कहा है कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ चल रही जाति पंचायत व्यवस्था को समाप्त करने के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है? इसी तरह पुलिस महानिदेशक से पूछा है कि ऐसे अपराधों और उनको नहीं रोक पाने वाले लोकसेवकों पर क्या कार्रवाई की है?