
Phalodi Satta Market (Photo-AI)
Phalodi Satta Bazaar: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने में अब बस कुछ ही वक्त बचा है। आज सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो रही है। लेकिन सबकी निगाहें सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल के नतीजों पर टिकी हैं।
राजस्थान के जोधपुर स्थित फलोदी सट्टा बाजार के ताजा आंकड़ों और अनुमानों ने सियासी तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
आइए समझते हैं कि फलोदी सट्टा बाजार के अनुसार बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में किसका पलड़ा भारी है और 'सटोरियों' की गणित क्या कह रही है।
शुरुआती दौर में फलोदी सट्टा बाजार ममता बनर्जी को बढ़त दे रहा था। लेकिन मतदान के दूसरे चरण और एग्जिट पोल के बाद सटोरियों का रुझान अचानक बीजेपी की तरफ झुकता नजर आया।
सट्टा बाजार में करीब 53 फीसदी सटोरियों ने टीएमसी पर भरोसा जताया है। जबकि 47 फीसदी लोगों ने बीजेपी पर दांव लगाया है। एग्जिट पोल से पहले यह अनुपात 60% (TMC) और 40% (BJP) था, जो अब बेहद करीब आ चुका है।
85% से ज्यादा लोगों ने ममता बनर्जी के फिर से मुख्यमंत्री बनने पर दांव लगाया है, जबकि 10% लोगों ने अभिषेक बनर्जी पर पैसा लगाया है।
बीजेपी की सरकार बनने की स्थिति में करीब 40% लोगों ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री के तौर पर पहली पसंद माना है, जबकि 35 से 38% लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार पर दांव लगाया है।
फलोदी सट्टा बाजार में करीब 80% पैसा अकेले पश्चिम बंगाल पर लगा है, लेकिन अन्य राज्यों को लेकर भी दिलचस्प अनुमान सामने आए हैं।
तमिलनाडु: DMK की मजबूत वापसी के संकेत और कुल सीटें: 234
एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK को 132 से 134 सीटें मिलने का अनुमान है। सट्टा बाजार यहां सत्ता परिवर्तन के मूड में नहीं है और डीएमके की मजबूत पकड़ मान रहा है।
असम: NDA का दबदबा बरकरार और कुल सीटें: 126
असम को लेकर करीब 90% सटोरियों ने बीजेपी (NDA) पर दांव खेला है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए को 99 से 101 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
सट्टा बाजार का रुझान: केरल में इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की वापसी का अनुमान लगाया जा रहा है। सट्टा बाजार के मुताबिक यूडीएफ को 78 से 80 सीटें और एलडीएफ (LDF) को 59 से 61 सीटें मिल सकती हैं।
फलोदी सट्टा बाजार के आंकड़े केवल एक अनुमान और सटोरियों के कयासों पर आधारित होते हैं। भारत में सट्टा पूरी तरह अवैध है और सट्टा बाजार का ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा शत-प्रतिशत सही नहीं रहा है।
अब से कुछ ही देर में शुरू होने वाली मतगणना के बाद साफ हो जाएगा कि बंगाल में ममता बनर्जी की हैट्रिक होगी या पहली बार कमल खिलेगाा और बाकी राज्यों में जनता ने किसे अपना सिरमौर चुना है।
Updated on:
04 May 2026 07:34 am
Published on:
04 May 2026 07:26 am
