
फाइल फोटो: पत्रिका
Good News : राजस्थान सरकार ने तीन जिलों में अपर जिला न्यायाधीश, दो जिलों में एनआइ कोर्ट सहित कुल 14 नए कोर्ट खोलने की मंजूरी दी है। इनके खुलने से मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी, जिससे लंबित मुकदमों की संख्या में कमी लाई जा सकेगी। विधि विभाग की ओर से हाल ही इन नए न्यायालयों के लिए अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचनाओं के अनुसार चेक अनादरण से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए एनआइ कोर्ट-3, पाली व एनआइ कोर्ट कुचामन सिटी खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसी तरह जोधपुर जिले में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, शेरगढ़, कोटा जिले में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, सांगोद, बाड़मेर जिले में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, धोरीमन्ना, कोटा जिले में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, इटावा, सीकर जिले में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, खाटूश्याम, चूरू जिले में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तारानगर व कोटपूतली-बहरोड़ जिले में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीमराणा खोला जाएगा। इसी तरह बारां जिले में अपर जिला न्यायाधीश, किशनगंज, भरतपुर जिले मे अपर जिला न्यायाधीश, रूपवास व भीलवाड़ा जिले में अपर जिला न्यायाधीश, जहाजपुर को मंजूरी दी गई है,
एनडीपीएस केसेज के लिए निम्बाहेड़ा व बीकानेर में विशेष न्यायालय खोलने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया। इन न्यायालयों की जल्द शुरुआत होगी।
यह कोर्ट कहां-कहां काम करेंगे और इनका इलाका (क्षेत्राधिकार) क्या होगा, यह वहां के जिला एवं सेशन न्यायाधीश द्वारा तय किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अदालतों में मुकदमों के बढ़ते बोझ को कम करना है।
वैसे राजस्थान में मार्च 2026 तक लोअर कोर्ट में लाखों केस पेडिंग हैं। इसकी सही सही जानकारी नही है। पर इन नए कोर्ट के खुलने से केसों को सुलझाने में मदद मिलेगी। साथ ही पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय सुलभ हो जाएगा।
राजस्थान हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध MP/MLA cases संबंधित रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च पेंडिंग केसों की संख्या कुछ इस तरह है।
सिविल केस: 1,64,450 (Jodhpur: 66,157 + Jaipur: 98,293)
क्रिमिनल केस: 1,86,806 (Jodhpur: 70,419 + Jaipur: 1,16,387)
कुल पेंडिंग: लगभग 3,51,256 केस (31 मार्च 2026 की आधिकारिक पेंडेंसी स्टैटिस्टिक्स के अनुसार)।
Updated on:
04 May 2026 07:46 am
Published on:
04 May 2026 07:46 am
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