प्रदीप मिश्रा ने अपने कथा के दौरान कहा कि 'जिस तरह से तुलसी की जड़ बाहर दिखने पर सूख जाती है, उसी तरह से लड़कियों की नाभि उनकी जड़ है और यह जितनी ढकी रहेगी, उतनी ही सुरक्षा बनी रहेगी।' इस दौरान उन्होंने लड़कियों को लेकर बढ़ रहे अपराध का ठीकरा भी पहनावे पर फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि समाज में पहनावे की वजह से ही अपराध बढ़ रहा है, इसे पुलिस और सरकार नहीं रोक सकती है। कथावाचक ने कहा कि अपराध को सिर्फ संस्कार ही रोक सकते हैं।