चुनावी रैलियों और अन्य कार्यक्रम में नेता भीड़ जुटाने के लिए कई तरीके अपनातें है। इस काम में सक्रिय लोग निर्धारित राशि देने पर मनचाही संख्या में भीड़ उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। हालांकि निर्वाचन विभाग की इस पर भी नजर रहेगी। राज्य में अभी विधानसभा चुनाव का माहौल है। फिर लगभग 6 माह बाद लोकसभा और स्थानीय निकाय के चुनाव होने है। ऐसे में रैलियां, जनसभाएं जैसे कार्यक्रम भी चलते रहेंगे। इसके मद्देनजर ही सक्रिय हुए कई लोग 'क्राउड मेनेजमेंट' का दावा कर रहे हैं। ज्यादातर केंद्रीय या बड़े नेताओं की रैली और सभा के लिए डिमांड आती हैं। यही नहीं प्रचार के लिए भी लोग मांगे जाते हैं।
बुकिंग के बाद भीड़ भेजने में सम्बंधित नेता की जरूरत व मांग का पूरा ध्यान रखा जाता है। सामान्य भीड़ चाहिए तो रिक्शे- ठेले वालों को एक निर्धारित कीमत देकर सभा में भीड़ के रूप में भेजा जाता है।