बता दें कि दौसा से मुरारीलाल मीणा, बानसूर से शकुंतला रावत, कामां से जाहिदा खान, सिकराय से ममता भूपेश, बांसवाड़ा से अर्जुन बामणिया, महेंद्र जीत मालवीय, शांति धारीवाल, बीडी कल्ला, उदयलाल आंजना, विश्वेंद्र सिंह, प्रमोद जैन भाया, शाले मोहममद, अशोक चांदना, भंवर सिंह भाटी, राजेंद्र यादव, सुखराम बिश्नोई और सुभाष गर्ग के इलाकों में एक फीसदी से कम वोटिंग घटी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरदारपुरा विधानसभा सीट में इस बार 64.50 फीसदी वोटिंग हुई थी, जबकि साल 2018 में इस सीट पर 67.09 प्रतिशत मत डले थे, यानि इस सीट पर भी वोटिंग 2.59 प्रतिशत कम हुई है। हालांकि विधानसभा स्पीकर डॉ. सीपी जोशी की नाथद्वारा सीट में इस करीब डेढ़ फीसदी वोटिंग ज्यादा हुई है। यहां कुल 78.20 प्रतिशत मतदान हुआ।