पार्टी का मानना है कि पार्टी के बागी नेताओं के हौंसले पस्त सिर्फ समाज के कद्दावर नेता ही कर सकते हैं क्योंकि समाज के लोग उनकी बात मानते हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार तीन दिन पहले मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कोर कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में ही बागियों से निपटने के लिए इस नई रणनीति पर मंथन किया गया। पार्टी ने मंथन के तीसरे दिन ही इस पर अमल भी शुरू कर दिया। अब पार्टी से जुडे समाजों के कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे अपने-अपने समाजों के सर्वमान्य नेताओं से मिलें और उनको पार्टी में शामिल करें, जिससे पार्टी का आधार मजबूत हो सके।