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राज्य सरकार ने खोला पिटारा, बाढ़ में बेघरों को मिलेगा आसरा

राजस्थान के बाढ़ में घर खोने वाले 5 हजार से अधिक परिवारों को सहायता देगी सरकार, पीएमएवाय में राज्य ने केन्द्र को भेजा प्रस्ताव, हर परिवार को मिल सकेगी 1.20 लाख की सहायता
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 3 Oct 2019, 9:17 PM IST

jaipur

राज्य सरकार ने खोला पिटारा, बाढ़ में बेघरों को मिलेगा आसरा

पंकज चतुर्वेदी / जयपुर।Rajasthan के विभिन्न जिलों में में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि और बाढ़ ( Floods ) से 5 हजार से अधिक परिवारों के घर पूरी तरह या आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए हैं। अब सरकार इन प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) ने इन 5649 पीडि़त परिवारों के दुबारा घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव गुरुवार को केन्द्र सरकार को भेजा है। केन्द्र की मंजूरी मिलते ही इन परिवारों में प्रति परिवार 1.20 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। यह राशि प्रधानमंत्री आवास योजना ( PM Awas Yojana ) ग्रामीण के तहत पीडि़तों को मुहैया कराई जाएगी।

राज्य सरकार के आकलन के अनुसार सहायता देने में 69.14 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें से 60 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी। बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के आकलन के लिए राज्य के ग्रामीण विकास महकमे ने 11 जिलों के कलक्टरों को उन परिवारों की सूचना भेजने को कहा था, जिनके मकान इन आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें अजमेर, कलक्टरों ने चार श्रेणियों में कुल 5649 परिवारों की जानकारी सरकार को भेजी है।

पहली श्रेणी में आवास योजना की स्थायी वरीयता सूची में शामिल परिवार रखे गए हैं। दूसरी श्रेणी स्थायी वरीयता सूची के ऐसे परिवारों की है, जिनको सहायता मिलना शेष है। तीसरे ऐसे परिवार जो वरीयता सूची में शाामिल तो नहीं, लेकिन उनके नाम वंचित परिवार के तौर पर केन्द्र को भेजे गए थे। चौथी श्रेणी में ऐसे परिवार हैं, जो स्थायी सूची और वंचित के तौर चिह्नित दोनों ही श्रेणियों में नही है।

32 परिवारों को दुबारा मिलेगी राशि
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार उन परिवारों को भी यह सहायता राशि फिर से मुहैया कराई जाएगी, जो पहले योजना के तहत वित्तीय लाभ ले चुके हैं। यदि ऐसे परिवारों के आवास भी आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं तो सरकार फिर से उन्हें सहायता देगी। प्रदेश में कुल 32 ऐसे परिवार चिह्नित किए गए हैं। 2200 परिवार ऐसे भी हैं, जो योजना के लाभार्थियों की सूची और वेटिंग लिस्ट दोनों में ही शाामिल नहीं हैं।

विशेष प्रावधान में सहायता

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यों तो सामाजिक आर्थिक, जातिगत जनगणना के आधार पर बनी वरीयता सूची में चयनित परिवारों को आवास के लिए सहायता देने का प्रावधान है। लेकिन योजना में प्राकृतिक आपदाओं के लिए भी विशेष परियोजना के तहत प्रस्ताव भेजे जाने का एक प्रावधान भी केन्द्र ने किया है। राज्य सरकार ने इसी प्रावधान में यह प्रस्ताव भेजे हैं।


जिला --------------- क्षतिग्रस्त आवास

अजमेर ------------------ 996

बांसवाड़ा ---------------- 156

बारां --------------------- 384

भीलवाड़ा ---------------- 1203

बूंदी --------------------- 1059

धौलपुर ------------------ 70

झालावाड़ ---------------- 730

करौली ------------------ 02

कोटा ------------------- 491

नागौर ------------------ 261

सवाई माधोपुर ---------- 297