
Rajasthan Panchayat Election (Patrika File Photo)
जयपुर। राजस्थान में आज अधिसूचना जारी होने के साथ ग्रामीण सरकार के सियासी हलचल बढ़ जाएगी। गुरुवार यानी आज से जहां 16 जिला परिषद, 104 पंचायत समिति व 3314 ग्राम पंचायतों में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी, वहीं 16 जिला परिषदों व 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। पहले चरण में ही 3314 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव भी हैं, जिनके लिए नामांकन प्रक्रिया मतदान से एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पूरी होगी।
राजस्थान में लगभग आधी 6940 ग्राम पंचायतों को पंच, सरपंच व उपसरपंच इसी माह मिल जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में 25 एवं दूसरे चरण की 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शेष दो चरणों के चुनाव अगले माह होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान दलों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। इस बार में सुरक्षाकर्मियों सहित मतदान दल में शामिल कर्मचारियों को अपने साथ बिस्तर नहीं ले जाने पडेंगे, उनके लिए गद्दे-चद्दर-तकिया की व्यवस्था के लिए आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यवस्था सौंप दी है। इसके अलावा छाया-पानी व रोशनी की व्यवस्था के लिए भी पहले से ही दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे मतदाताओं व चुनाव कर्मियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा।
मतदान कर्मी करीब पांच दिन रुकेंगे, इसको देखते हुए उनके लिए कुक व हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इसका खर्च मतदानकर्मी स्वयं वहन करेंगे, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक भुगतान किया जाएगा।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर 17650 रुपए खर्च
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक दल को पांच दिन में होने वाले खर्च के रूप में 17650 रुपए दिए जाएंगे। इस दल में सहायक मतदान अधिकारी से रिटर्निंग अधिकारी तक कुल 6 कर्मचारी शामिल होंगे, जिनको प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे।
राजस्थान में पंचायती चुनाव को लेकर प्रशासन भी एक्शन मोड में है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के लिए अनुमति जरूरी होगी। BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सरपंच प्रत्याशियों को सीमित प्रचार समय मिलेगा और विजय जुलूस नहीं निकलेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई होगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रहेगा।
Updated on:
08 Oct 2026 07:32 am
Published on:
08 Oct 2026 07:31 am
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